बक्सर, रघुनाथपुर के तुलसी आश्रम में राजकीय तुलसी महोत्सव की अनुशंसा
बक्सर, 16 जुलाई (हि.स.)। जिले के ब्रम्हपुर प्रखंड अंतर्गत रघुनाथपुर स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के तुलसी आश्रम में विश्वामित्र महोत्सव की तर्ज पर राजकीय तुलसी महोत्सव आयोजित किए जाने की मांग को महत्वपूर्ण बल मिला है। प्रखंड विकास पदाधिकारी, ब्रह्मपुर द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी, डुमराँव एवं कला एवं संस्कृति पदाधिकारी बक्सर को भेजे गए जाँच प्रतिवेदन में इस प्रस्ताव के पक्ष में सकारात्मक अनुशंसा की गई है।
जाँच प्रतिवेदन के अनुसार रघुनाथपुर स्थित तुलसी आश्रम धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा एवं ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। स्थानीय मान्यताओं तथा उपलब्ध ऐतिहासिक संदर्भों के अनुसार यह स्थल गोस्वामी तुलसीदास की तपोभूमि के रूप में प्रसिद्ध है। बिहार सरकार द्वारा प्रकाशित शाहाबाद गजेटियर में भी उनके रघुनाथपुर प्रवास का उल्लेख मिलता है। जनश्रुति के अनुसार गोस्वामी तुलसीदास ने यहीं प्रवास के दौरान रामचरितमानस के उत्तरकाण्ड के कुछ अंशों की रचना की थी तथा इसी स्थान का नाम रघुनाथपुर रखा था।
प्रतिवेदन में बताया गया है कि तुलसी आश्रम परिसर में गोस्वामी तुलसीदास के नाम से दर्ज लगभग 4 एकड़ 63 डिसमिल भूमि उपलब्ध है। यहां स्थित राम जानकी मंदिर, तुलसीदास मंदिर, भुईजबरा मंदिर एवं महाकालेश्वर मंदिर क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। प्रतिवर्ष रामनवमी, सावन माह की गंगा महाआरती तथा तुलसी जयंती पर आयोजित दो दिवसीय तुलसी महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय नागरिक शामिल होते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि राजकीय स्तर पर तुलसी महोत्सव आयोजित होने से धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। गोस्वामी तुलसीदास की स्मृतियों से जुड़े इस ऐतिहासिक स्थल को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी तथा बिहार की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई दिशा प्राप्त होगी। इसके साथ ही स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प, परिवहन, होटल व्यवसाय, लघु उद्योग एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। जाँच प्रतिवेदन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आश्रम परिसर में उपलब्ध चार एकड़ से अधिक भूमि इस प्रकार के राजकीय आयोजन के लिए पर्याप्त एवं उपयुक्त है।
गौरतलब है कि पर्यटन विभाग, बिहार सरकार के निर्देश पर जिलाधिकारी, बक्सर, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, बक्सर तथा अनुमंडल पदाधिकारी, डुमराँव द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी, ब्रह्मपुर से तुलसी आश्रम के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व पर विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। साथ ही भूमि स्वामित्व, स्थल का नक्शा, रखरखाव एवं पर्यटन की संभावनाओं पर भी विस्तृत मंतव्य मांगा गया था।
तुलसी विचार मंच के संयोजक शैलेश कुमार ओझा ने कहा कि प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा प्रस्तुत सकारात्मक जाँच प्रतिवेदन रघुनाथपुर स्थित तुलसी आश्रम को राजकीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बिहार सरकार से आग्रह किया कि प्रतिवेदन की अनुशंसाओं पर शीघ्र निर्णय लेते हुए रघुनाथपुर में राजकीय तुलसी महोत्सव आयोजित करने की स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि गोस्वामी तुलसीदास की तपोभूमि को राष्ट्रीय स्तर पर उसका उचित सम्मान मिल सके और बक्सर धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन के मानचित्र पर एक नई पहचान स्थापित कर सके।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / Jitendra Mishra

