त्रिवेणीगंज में बाल विवाह पर सख्ती की तैयारी
सुपौल, 02 अप्रैल (हि स.)। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर रोक लगाने को लेकर गुरुवार को त्रिवेणीगंज में आयोजित बैठक में प्रशासनिक लापरवाही भी सामने आई। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बैठक अनुमंडल सभागार में आयोजित की गई थी, लेकिन कई संबंधित अधिकारी लिखित आदेश के बावजूद उपस्थित नहीं हुए, जिस पर एसडीएम ने नाराजगी जताई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि बाल विवाह केवल प्रशासनिक कार्रवाई से नहीं, बल्कि समाज और विभिन्न विभागों के सामूहिक प्रयास से ही रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जिसके समाधान के लिए शिक्षा, जागरूकता और समय पर हस्तक्षेप जरूरी है।
उन्होंने अनुपस्थित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने के संकेत भी दिए और भविष्य में ऐसी लापरवाही नहीं दोहराने की चेतावनी दी। साथ ही उपस्थित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अपने-अपने क्षेत्र में बाल विवाह की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि पंचायत स्तर तक जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में बताया जाए।
स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वयंसेवी संगठनों को भी इसमें सक्रिय भूमिका निभाने को कहा गया। अनुमंडल प्रशासन ने आम लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें, ताकि समय रहते इसे रोका जा सके। बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया कि बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन सख्त है, लेकिन इसके लिए सभी विभागों की जिम्मेदारी और समाज की भागीदारी बेहद जरूरी है।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

