त्रिवेणीगंज में तीन नए पीडीएस विक्रेताओं को मिली अनुज्ञप्ति
सुपौल, 14 जुलाई (हि.स.)। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है।
जिलाधिकारी सावन कुमार के निर्देश पर त्रिवेणीगंज अनुमंडल क्षेत्र में लंबे समय से रिक्त पड़े तीन जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) विक्रेताओं के पदों पर नई अनुज्ञप्ति जारी कर दी गई है। इससे संबंधित पंचायतों के हजारों राशन कार्डधारियों को अब समय पर और नियमित रूप से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा सकेगा।
जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम-सह-जिला आपूर्ति पदाधिकारी राम बाबू ने बताया कि त्रिवेणीगंज अनुमंडल के अंतर्गत शेष बचे तीन पीडीएस दुकानों के लिए अनुज्ञप्ति जारी कर दी गई है।
इसके साथ ही उन क्षेत्रों में राशन वितरण की व्यवस्था फिर से सुचारु हो जाएगी, जहां लाभुकों को अब तक खाद्यान्न प्राप्त करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक पात्र परिवार तक सरकार की खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ समय पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि पीडीएस व्यवस्था गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
किसी पंचायत में पीडीएस विक्रेता का पद रिक्त रहने से राशन वितरण प्रभावित होता है, जिसका सीधा असर लाभुकों पर पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर रिक्त पदों को शीघ्र भरने की प्रक्रिया पूरी की गई।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी नए अनुज्ञप्तिधारी विक्रेताओं को सरकार के निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।
उन्हें समय पर खाद्यान्न का उठाव कर निर्धारित तिथि के अनुसार लाभुकों के बीच राशन वितरण सुनिश्चित करना होगा। वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या शिकायत मिलने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला आपूर्ति विभाग ने बताया कि वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाएगी।
अधिकारियों द्वारा समय-समय पर पीडीएस दुकानों का निरीक्षण किया जाएगा तथा ई-पॉस मशीन, वितरण रजिस्टर और स्टॉक पंजी की जांच भी की जाएगी। साथ ही लाभुकों से अपील की गई है कि राशन वितरण में कम मात्रा देने, अधिक राशि वसूलने या किसी अन्य गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अथवा जिला आपूर्ति कार्यालय को सूचना दें।
जिला प्रशासन का मानना है कि तीन नए पीडीएस विक्रेताओं की नियुक्ति से संबंधित पंचायतों में राशन वितरण व्यवस्था अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी। इससे गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को समय पर खाद्यान्न मिलेगा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के प्रति लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

