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सारण में चमकी बुखार को लेकर मास्टर ट्रेनरों को दिया गया प्रशिक्षण

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सारण में चमकी बुखार को लेकर मास्टर ट्रेनरों को दिया गया प्रशिक्षण


सारण में चमकी बुखार को लेकर मास्टर ट्रेनरों को दिया गया प्रशिक्षण


सारण, 23 मार्च (हि.स.)। गर्मी की दस्तक के साथ ही बच्चों के लिए घातक साबित होने वाले चमकी बुखार और जापानी इंसेफ्लाइटिस को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ भूपेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया।

इस शिविर में जिले के सभी बीएचएम, बीसीएम और वीबीडीएस को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया गया, जो अब प्रखंड स्तर पर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करेंगे। संभावित खतरे को देखते हुए जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। विभाग ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक पीएचसी में दो और अनुमंडल व जिला अस्पतालों में कम से कम पांच आइसोलेशन बेड आरक्षित रखे जाएं। साथ ही सभी केंद्रों पर एईएस किट, ओआरएस और पैरासिटामोल जैसी जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। डॉ. सिंह ने बताया कि यदि किसी बच्चे को अस्पताल ले जाने के लिए निजी वाहन का उपयोग होता है, तो उसके खर्च की व्यवस्था भी अस्पताल प्रबंधन करेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार अप्रैल से जुलाई के बीच 6 माह से 15 वर्ष तक के बच्चों में इस बीमारी का खतरा सर्वाधिक रहता है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे बच्चों के लक्षणों पर नजर रखें। तेज बुखार, शरीर में अकड़न, मुंह से झाग आना या बेहोशी इसके प्रमुख लक्षण हैं। बच्चों को खाली पेट न सोने दें, रात में भरपेट भोजन जरूर कराएं, तेज धूप से बचाएं और ओआरएस या नींबू-पानी का निरंतर सेवन कराएं, कच्चे या अधपके फल विशेषकर लीची खाली पेट न खाने दें। प्रशिक्षण के दौरान डीपीएम अरविन्द कुमार सहित कई स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार