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आरएसएस का विजयदशमी पथ-संचलन, सामाजिक समरसता का दिया संदेश

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आरएसएस का विजयदशमी पथ-संचलन, सामाजिक समरसता का दिया संदेश


नवादा, 19 अक्टूबर (हि.स.)। जिले के रजौली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से विजयदशमी के अवसर पर सोमवार को पथ-संचलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें नानकशाही पीठाधीश्वर महंत डॉ. स्वामी दयानंद मुनि शामिल हुए। उन्होंने संगठन, अनुशासन, सामाजिक समरसता और राष्ट्रनिर्माण में नागरिकों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए लोगों से एकजुट होकर समाजसेवा करने की अपील की।

महंत डॉ. स्वामी दयानंद मुनि ने कहा कि विजयदशमी सत्य की विजय, धर्म की प्रतिष्ठा और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि पथ-संचलन केवल कदमताल नहीं, बल्कि सामूहिक संकल्प, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की परंपरा में व्यक्ति निर्माण, संगठन और समाजसेवा का विशेष महत्व है।

उन्होंने सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए कहा कि समाज में जातिगत भेदभाव, छुआछूत और ऊंच-नीच के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। संत कबीर और संत रविदास की शिक्षाएं मानवता, समानता और सदाचार का संदेश देती हैं। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, चरित्र निर्माण और समाजसेवा को जीवन का आधार बनाने की अपील की। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा और जरूरतमंदों की सहायता को भी राष्ट्रसेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

कार्यक्रम में रजौली खंड कार्यवाह दिलीप कुमार, विजय आर्य, अनिल कुमार, विनोद कुमार, नन्नू कुमार, मनोज कुमार, रमेश कुमार, दिनेश कुमार और संतोष कुमार सहित अन्य स्वयंसेवक उपस्थित रहे। स्थानीय विधायक विमल राजवंशी और भाजपा नवादा के जिला उपाध्यक्ष प्रमोद चंद्रवंशी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

अंत में महंत ने रजौली सहित नवादा जिले और देशवासियों को विजयदशमी की शुभकामनाएं देते हुए समरस समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण का संकल्प लेने की अपील की।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजय कुमार सुमन