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अपनी जमीन बचाने करो या मरो के तर्ज पर आंदोलन करें किसान-टिकैत

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अपनी जमीन बचाने करो या मरो के तर्ज पर आंदोलन करें किसान-टिकैत


नवादा, 08 अक्टूबर (हि.स.)।नवादा जिले के मोतनाजे तथा मधुबन गांव में किसानों के सैकड़ो एकड़ भूमि छीनने के विरोध में गुरुवार को किसान महापंचायत का आयोजन किया गया ।जिसमें भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश सिंह टिकैत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने गिरियक से स्वयं ट्रैक्टर चलाकर जुलूस का नेतृत्व किया और सभा स्थल पर पहुंचे।मंच पर हल और पालो के साथ किसानों ने अंगवस्त्र और माला पहनाकर स्वागत किया।

किसान नेता दिनेश कुमार,अशोक प्रसाद सिंह एवं पुर्व विधायक मो कामरान जी को अंगवस्त्र और पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया।

महापंचायत का उद्घाटन करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि आपको संघर्ष करना पड़ेगा। हम मदद को तैयार है।यहां न तो लाठीचार्ज हुआ,ना ही आंसूगैस का गोला फूटा तो फिर क्या आप ने दान में जमीन दे दी ? उन्होंने जिला प्रशासन को सचेत किया कि सरकारी दमन का किसान मुंह तोड़ जबाव देंगे।

मोतनाजे और मधुबन में गंगा जलाशय और टूरिस्ट प्लेस बनाने के नाम पर सैकड़ों वर्षो से बसे गाँवों और खेतों को उजाड़ने की साजिश को किसी कीमत पर मुझे स्वीकार नही।

भूमि अधिग्रहण कानून 2013 की डी एम नवादा द्वारा धज्जी उड़ाया जा रहा है। गरीबों का मकान और खेत उजाड़े जा रहे है। कानून तोड़कर बिना सोशल ऑडिट और 70 प्रतिशत किसानों की बिना सहमति एवं जमीन का मुआबजा दिए,जबरन जमीन छीना जा रहा है।

काली सूचि के ठेकेदार के खिदमत में गैर कानूनी ढंग से समाहरणालय में बैठकर फर्जी सोशल ऑडिट कर खेतों में लहलहाते धान के फसलों को इस बरसात के मौसम में बुलडोजर से रौंदा गया है। आज सर्वसम्मति से मोतनाजे एवं मधुबन के लोगों ने फैसला लिया कि हम जान देंगे,परन्तु अपनी जमीन नहीं देंगे।करो या मरो के तर्ज पर आंदोलन करेंगे।

टिकैत ने कहा अभी भी यह देश लोगों का लोकतंत्र है। इसलिए लोग ही महापंचायत में इस इलाके के सभी भाईयों एवं बहनों का सर्वसम्मत फैसला है,ना हमें खनन चाहिए ना पर्यटन चाहिए। हम सब मिलकर एक जूट है और अपने अंतिम सांस तक मिलकर लड़ेंगे।आपका पानी,जवानी और किसानी सब बाहर जा रहा है।

हमारी यह महापंचायत फैसला लेती है कि वैसा विकास हमें नहीं चाहिए,जो किसानी और गाँव के लिए विनाशकारी हो।हमारी जवानी,पानी और किसानी को विकसित करने वाली विकास हमें चाहिए।यह महापंचायत राज्य और देश की हुकूमत को बताना चाहती है कि विनाशकारी विकास हमें नहीं चाहिए।जब तक गांव प्रधान और कृषि प्रधान भारत में गांव और कृषि के विकास की नीति नहीं बनेगी,तब तक देश का विकास नहीं होगा। सबसे अच्छी मिट्टी और सबसे अच्छा पानी बिहार की है। फिर भी सरकार की किसान विरोधी नीति के कारण यहाँ बिहारी गरीब हैं।पानी का बाजारी कारण और व्यापरीकरण नहीं, उसका समुदायिकरण चाहिए।

किसान नेता दिनेश सिंह ने महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि आज बिहार के हजारों गांव की जल,जंगल और जमीन पर मोदी के प्यारे मित्र कार्पोरेटो की गिद्ध दृष्टि पड़ गई है।किसान नेता अशोक सिंह ने कहा कि सरकार को पर्यावरण,पानी,जमीन और गरीब की चिंता नही है।

उन्होंने आह्वान किया कि किसान आंदोलन का ऐतिहासिक दिन 26 नवंबर को लाखो की संख्या में पटना को घेरेंगे।

महापंचायत को किसान नेता चंदन यादव,पवन कुमार आदि ने संबोधित किया।महापंचायत की अध्यक्षता कपिलदेव यादव ने की तथा मंच संचालन दीपक कुमार ने किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजय कुमार सुमन