भारतीय कला और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूर्ण समर्पण से कार्य करने की जरूरत: अशोक तिवारी
सारण, 14 मई (हि.स.)। कला और साहित्य के क्षेत्र में कार्यरत अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती के केंद्रीय कार्यालय प्रमुख अशोक तिवारी ने अपने छपरा प्रवास के दौरान स्थानीय कलाकारों, सदस्यों और कला प्रेमियों के साथ बैठक कर संगठन की आगामी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। शहर के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में आयोजित बैठक में उन्होंने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करते हुए संगठन को और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाने पर जोर दिया।
बैठक को संबोधित करते हुए अशोक तिवारी ने सीमित संसाधनों के बीच प्रभावशाली कार्यक्रम आयोजित करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को “चार क” (कार्यकर्त्ता, कार्यक्रम, कोष और कार्यालय) का सूत्र बताते हुए कहा कि संगठन की मजबूती और ध्येय की प्राप्ति के लिए इन सिद्धांतों को आत्मसात करना आवश्यक है। उन्होंने नियमित मासिक बैठकों के आयोजन पर विशेष बल देते हुए कहा कि इससे संगठन की सक्रियता बनी रहती है और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय मजबूत होता है।
केंद्रीय अधिकारी ने संस्कार भारती छपरा इकाई द्वारा आयोजित किए जाने वाले नव प्रभात कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि भविष्य में इसे और अधिक भव्य एवं व्यापक स्वरूप में आयोजित किया जाए, ताकि भारतीय कला और संस्कृति का संदेश जन-जन तक पहुँच सके।
बैठक के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने भारतीय कला और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प लिया। केंद्रीय अधिकारी के आगमन और उनके सुझावों से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार देखने को मिला।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार

