home page

श्रीकृष्ण मंदिर में सदियों पुरानी नारदी भजन गायन परम्परा मुरादपुर में आज भी जीवित

 | 
श्रीकृष्ण मंदिर में सदियों पुरानी नारदी भजन गायन परम्परा मुरादपुर में आज भी जीवित


सहरसा, 31 अगस्त (हि.स.)। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी के सात दिन पहले से मुरादपुर गांव में भव्य नारदी भजन का आयोजन किया जाता है।

जन्माष्टमी के इस धार्मिक कार्यक्रम में भारी संख्या में श्रद्धालुओं भाग लेते हैं और कार्यक्रम की शुरुआत सुप्रसिद्ध नारदी गायक गुलाब ठाकुर एवं माहेश्वर ठाकुर उर्फ मोहर बाबा के द्वारा श्रीकृष्ण की लीलाओं का गुणगान भक्ति भाव के साथ किया जाता है ।

इस नारदी भजन में दिवाकर ठाकुर,ललित झा, ललन ठाकुर, महाकांत ठाकुर, साजेंद्र झा, कारी दास, फूल झा, संतोष ठाकुर, प्रमोद झा, गुलाब झा, नंदन चौधरी, सुमन सिंह, हीरा शर्मा, बानो चौधरी एवं फुलचन शर्मा सहित अन्य कलाकारों द्वारा अपनी मधुर आवाज में प्रस्तुति दी।

नारदी भजन गायक ने कहा कि नवहट्टा प्रखंड के मुरादपुर श्रीकृष्ण मंदिर में सदियों पुरानी नारदी भजन परंपरा आज भी पूरी भक्ति और उल्लास के साथ जीवित है। यह परंपरा लगभग 100 वर्ष या उससे भी अधिक पुरानी है। यह श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित की जाती है। जिसमें दर्जनों भजन गायक पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ नाचते-गाते हुए भक्तिभाव में लीन होते हैं। समय के साथ कई जगहों पर यह परंपरा लुप्त हो गई है, लेकिन मुरादपुर में यह आज भी वैसी ही रोशन है।

हिन्दुस्थान समाचार / अजय कुमार