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100 से अधिक बच्चों की पढ़ाई दो शिक्षकों के भरोसे, डीएम को सौंपा गया मांग पत्र

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100 से अधिक बच्चों की पढ़ाई दो शिक्षकों के भरोसे, डीएम को सौंपा गया मांग पत्र


100 से अधिक बच्चों की पढ़ाई दो शिक्षकों के भरोसे, डीएम को सौंपा गया मांग पत्र


सुपौल, 09 जुलाई (हि.स.)। जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत बरूआरी पंचायत के मधुबन टोला स्थित प्राथमिक विद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था की बदहाली का मामला सामने आया है।

विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे युवा कांग्रेस के बिहार प्रदेश सचिव लक्ष्मण कुमार झा ने विद्यालय में शिक्षकों की कमी, कमरे के अभाव और मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर चिंता जताई। उन्होंने इस संबंध में जिला पदाधिकारी को मांग पत्र सौंपकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की है। लक्ष्मण कुमार झा ने बताया कि मधुबन टोला स्थित प्राथमिक विद्यालय में पहली से पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई होती है, जहां 100 से अधिक छात्र-छात्राएं नामांकित हैं।

इसके बावजूद विद्यालय का संचालन महज दो शिक्षकों के भरोसे किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना दो शिक्षकों के लिए काफी कठिन है, जिसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय में कमरों की कमी को भी गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि पर्याप्त कक्ष उपलब्ध नहीं होने के कारण एक ही कमरे और बरामदे में तीन-तीन कक्षाओं का संचालन करना पड़ रहा है। इससे शिक्षकों को पढ़ाने में परेशानी होती है और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है।

उन्होंने बताया कि विद्यालय में बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त डेस्क-बेंच की सुविधा भी नहीं है। कई बच्चे असुविधाजनक स्थिति में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों के साथ-साथ बेहतर आधारभूत संरचना और शैक्षणिक संसाधनों की उपलब्धता जरूरी है।जिला पदाधिकारी को सौंपे गए मांग पत्र में युवा कांग्रेस नेता ने विद्यालय में अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति, नए कक्षों का निर्माण, पर्याप्त डेस्क-बेंच की व्यवस्था और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा का समान अधिकार मिलना चाहिए।लक्ष्मण कुमार झा ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा बच्चों के भविष्य की नींव होती है। यदि शुरुआती स्तर पर ही बेहतर शैक्षणिक माहौल नहीं मिलेगा तो इसका प्रतिकूल प्रभाव बच्चों के भविष्य पर पड़ेगा। उन्होंने जिला प्रशासन से विद्यालय का निरीक्षण कर जल्द आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र पहल नहीं की गई तो युवा कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से चरणबद्ध आंदोलन करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहल किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की जा रही है।

ग्रामीणों ने भी विद्यालय में शिक्षकों की कमी और संसाधनों के अभाव को दूर करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही इन समस्याओं के समाधान की उम्मीद अब जिला प्रशासन से है।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र