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सुपौल पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 5.88 करोड़ के टेलीकॉम उपकरण चोरी कांड का खुलासा

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सुपौल पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 5.88 करोड़ के टेलीकॉम उपकरण चोरी कांड का खुलासा


सुपौल, 13 अक्टूबर (हि.स.)। सुपौल पुलिस ने दूरसंचार टावरों से करोड़ों रुपये के उपकरण चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के पिपरा थाना क्षेत्र स्थित इंडस टावर साइट से करीब 5 करोड़ 88 लाख रुपये मूल्य के टेलीकॉम उपकरण चोरी होने के मामले में पुलिस ने गिरोह के सरगना को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त चारपहिया वाहन को भी जब्त किया है। गिरफ्तार आरोपित उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के भागदेवा निवासी ध्रुव द्विवेदी है।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय, सुपौल से 13 अक्टूबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जिले में अपराध नियंत्रण और संगठित अपराध में संलिप्त अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है। मामले की शुरुआत एक अक्टूबर 2026 को हुई, जब Peregrine Guarding Pvt. Ltd. के सीनियर ऑपरेशन मैनेजर ने पिपरा थाना क्षेत्र स्थित इंडस टावर साइट से टेलीकॉम उपकरण चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के अनुसार, चोरी गए फाइबर कार्ड की अनुमानित कीमत करीब 5 करोड़ 88 लाख रुपये बताई गई थी। इस मामले में पिपरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सुपौल के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। टीम में पिपरा थाना के पुलिस पदाधिकारियों के साथ तकनीकी टीम को भी शामिल किया गया। पुलिस ने घटनास्थल से संबंधित तथ्यों, तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया सूचनाओं के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस टीम उत्तर प्रदेश पहुंची और लखनऊ में कार्रवाई करते हुए गिरोह के सरगना ध्रुव द्विवेदी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने चोरी की घटना में इस्तेमाल किए गए चारपहिया वाहन को भी जब्त किया है।पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी ने बिहार, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह के तार कई राज्यों में फैले हुए हैं। गिरफ्तार आरोपी के आपराधिक इतिहास में उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में दर्ज कई मामले सामने आए हैं।

पुलिस की ओर से जारी विवरण के मुताबिक, आरोपी के विरुद्ध प्रयागराज, हरदोई, जालौन, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, सीतापुर, महोबा और अंबेडकर नगर सहित विभिन्न जिलों में चोरी एवं अन्य आपराधिक मामलों से संबंधित मुकदमे दर्ज हैं। इनमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2), 305, 380, 457 और अन्य धाराओं के तहत दर्ज मामले शामिल हैं। कुछ मामलों में गैंग से संबंधित गतिविधियों के आरोप भी दर्ज हैं।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी चोरी किए गए सामान को विदेशों में बेचता था। इस पहलू को ध्यान में रखते हुए पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। गिरोह में शामिल अन्य लोगों की भूमिका, चोरी किए गए उपकरणों की बरामदगी और उनके खरीद-बिक्री नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि इस मामले में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। करोड़ों रुपये मूल्य के उपकरणों की चोरी से जुड़े इस मामले में पुलिस की जांच जारी है।

दूरसंचार टावरों में इस्तेमाल होने वाले महंगे उपकरणों की चोरी से संबंधित इस मामले का खुलासा पुलिस के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अंतरराज्यीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी से गिरोह के नेटवर्क का पता लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है। पुलिस अब चोरी गए उपकरणों की बरामदगी और गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की दिशा में कार्रवाई कर रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र