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बिहार के सुक्ष्म,लघु और मध्यम उद्यम नीति के मसौदे में सुधार को लेकर उद्यमी आयोग के सदस्य ने दिए सुझाव

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बिहार के सुक्ष्म,लघु और मध्यम उद्यम नीति के मसौदे में सुधार को लेकर उद्यमी आयोग के सदस्य ने दिए सुझाव


अररिया 19 जुलाई(हि.स.)।

बिहार के सुक्ष्म,लघु और मध्यम उद्यम अर्थात एमएसएमई नीति 2026 के मसौदे में सुधार को लेकर बिहार राज्य उद्यमी एवं व्यवसायी आयोग के सदस्य आलोक कुमार भगत ने महत्वपूर्ण सुझावों को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उद्योग एवं खेल मंत्री श्रेयसी सिंह तथा निदेशक, एमएसएमई निदेशालय, उद्योग विभाग, बिहार को पत्र लिखा है।जिसमें आवश्यक संशोधन एवं सुधार करने का आग्रह किया गया है।

सीएम सहित अन्य को भेजे गए पत्र में आयोग के सदस्य आलोक कुमार भगत ने अररिया जिला को भारत सरकार द्वारा घोषित आकांक्षी जिला में शामिल करने की मांग की गई है। अररिया को रीजन ए की सूची में शामिल किए जाने से उद्यमियों को धारा 7.9 के तहत पूंजीगत सब्सिडी और अन्य क्षेत्रीय लाभ उपलब्ध होंगे।इसके अलावा प्लाईवुड उद्योग के पुनरुद्धार के साथ ही यूपी मॉडल के तर्ज पर एग्रो लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर निर्माण को मांग की गई।

पत्र में उन्होंने लिखा है कि बिहार मखाना,मक्का और शहद के उत्पादन में अग्रणी है।लेकिन कोल्ड चेन के अभाव में सही मूल्य नहीं मिल पाता है।उन्होंने बिहार सरकार के प्रस्तावित मेगा एमएसएमई पार्कों के भीतर स्वचालित कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं की स्थापना के लिए 35 फीसदी की विशेष पूंजीगत सब्सिडी देने की पहल की मांग की।जिससे कृषि प्रसंस्करण और निर्यात को बढ़ावा मिल पाएगा।

श्री भगत ने आशा व्यक्त किया कि सुझावों पर सकारात्मक विचार करते हुए ऐसी एमएसएमई नीति का निर्माण किया जाएगा, जो राज्य के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को अधिक प्रोत्साहन दे।नए निवेश को आकर्षित करने के साथ रोजगार सृजन को बढ़ावा दे तथा बिहार के औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करे।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर