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बिहार : जाली दस्तावेजों के खेल पर सख्त प्रहार, सिस्टम के भीतर से ही शिकंजा कसने की कवायद

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बिहार : जाली दस्तावेजों के खेल पर सख्त प्रहार, सिस्टम के भीतर से ही शिकंजा कसने की कवायद


-प्रधान सचिव ने दिए निर्देश, फर्जी दस्तावेज मिलते ही सीओ करें एफआईआर

-भू-माफिया पर नकेल के लिए जनसहयोग जरूरी, जमीन हथियाने वालों की खैर नहीं

पटना, 12 अप्रैल (हि.स.)।बिहार में भू-माफिया और जाली दस्तावेजों के खेल पर अब सख्त प्रहार की तैयारी है। सिस्टम के भीतर से ही शिकंजा कसने की कवायद तेज हो गई है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि फर्जी कागजात के जरिए जमीन पर कब्जा करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी।

उन्होंने फील्ड अधिकारियों को स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि अब जीरो टॉलरेंस के साथ कार्रवाई करनी होगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने बताया कि पिछले दो महीनों से पूरे राज्य में अभियान चलाकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जा रहे हैं। मुजफ्फरपुर, सारण और पूर्णिया सहित सभी प्रमंडलों में बैठकों के दौरान साफ कर दिया गया है कि जहां भी जाली दस्तावेज पकड़े जाएं, वहां संबंधित अंचल अधिकारी तुरंत मुकदमा दर्ज करें और दोषियों पर कार्रवाई करें।

प्रधान सचिव ने कहा कि भूमि माफिया पर लगाम कसने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है, लेकिन इसमें जनता की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं सरकारी जमीन पर कब्जा, फर्जी रजिस्ट्री या कागजात का खेल चल रहा हो तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।

उन्होंने दो टूक कहा कि अब जाली दस्तावेजों के सहारे जमीन हथियाने वालों की खैर नहीं है। सरकार ऐसे मामलों को गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जाली कागजात के खेल पर सिस्टम की नजर

अंदरखाने यह भी माना जा रहा है कि कई मामलों में स्थानीय स्तर पर मिलीभगत और जानकारी के अभाव के कारण कार्रवाई धीमी पड़ जाती थी। इसी वजह से अब सिस्टम जनता से सीधे इनपुट लेने पर भी जोर दे रहा है। विभाग का मानना है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा और फर्जी रजिस्ट्री जैसे मामलों की सही जानकारी अक्सर स्थानीय लोगों के पास ही होती है।

फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम कदम

राजस्व विभाग की इस सक्रियता को जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ाने और लंबे समय से चल रहे फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सख्ती के इन निर्देशों का जमीनी असर कितना दिखता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ .राजेश