राज्य की विद्युत वितरण कम्पनियों ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 19,035 करोड़ रुपये का किया राजस्व सग्रह
लोगों के सहयोग एवं उनके तत्परता से बिजली बिल जमा करने के कारण हासिल हुई यह उपलब्धि :ऊर्जा मंत्री
पटना, 01 अप्रैल (हि.स.)।
राज्य की वितरण कम्पनियों द्वारा रिकॉर्ड राजस्व संग्रहण पर बधाई देते हुए ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बुधवार को कहा कि बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कम्पनी की अनुषंगी दोनों वितरण कम्पनियों ने पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 1916 करोड़ यानी लगभग 12 प्रतिशत अधिक राजस्व की वसूली कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वितरण कम्पनियों द्वारा कुल संग्रहित राजस्व 19,035 करोड़ रुपये में से एनबीपीडीसीएल ने 8,866 करोड़ एवं एसबीपीडीसीएल ने 10,169 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है।
ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र यादव ने कहा कि राज्य के लोगों के निरंतर सहयोग एवं तत्परता से बिजली बिल जमा करने की वजह से वितरण कम्पनियों ने यह उपलब्धि हासिल की है। जनता और ऊर्जा विभाग के बीच परस्पर सामंजस्य, कम्पनियो द्वारा प्रदत्त बेहतर सेवाओं तथा 24x7 गुणवत्ता बिजली आपूर्ति की उपलब्धता का ही परिणाम है कि उपभोक्ताओं ने अपने बिजली बिल का नियमित भुगतान किया है। इन सब की वजह से वितरण कम्पनियों ने रिकॉर्ड राजस्व संग्रहण किया।
ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इस रिकॉर्ड राजस्व संग्रहण से वितरण कम्पनियों के एटी एंड सी लॉस में भी कमी होगी एवं वर्तमान अनुमान के अनुसार राज्य का एटी एंड सी लॉस लगभग 14 प्रतिशत जो राष्ट्रीय औसत से कम होना संभावित है। इसके साथ ही विभिन्न सरकारी विभागों से भी कुल 2200 करोड़ रुपये का भुगतान प्राप्त हुआ है जिसमें से शिक्षा विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, पंचायती राज विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, गृह (पुलिस), खेल विभाग, उद्योग विभाग, पर्यटन विभाग का केन्द्रीकृत रूप से भुगतान प्राप्त हुआ है।
उन्होंने बताया कि राज्य की वितरण कम्पनियों ने सरकार के राजकोष में 2263 करोड रुपये का रिकॉर्ड राजस्व जमा किया है जो विद्युत कम्पनियों का अब तक का सबसे बड़ा योगदान है। यह दर्शाता है कि हमारी बिजली कम्पनियों सुचारू संचालन और कुशल वित्तीय प्रबंधन के साथ आगे बढ़ रही हैं।
उन्होंने बताया कि विद्युत कम्पनियों द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में वाणिज्यकर विभाग को विद्युत शुल्क के रूप में 2234 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इसके अतिरिक्त, जीएसटी मद में भी 29 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

