home page

एसएसबी जवानों को दी गई नकली भारतीय मुद्रा के पहचान की जानकारी

 | 
एसएसबी जवानों को दी गई नकली भारतीय मुद्रा के पहचान की जानकारी


सुपौल, 15 अक्टूबर (हि.स.)। भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और नकली भारतीय मुद्रा के प्रचलन पर रोक लगाने के उद्देश्य से गुरुवार को 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), बीरपुर में जवानों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इसमें भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), बीरपुर के कर्मियों ने जवानों को नकली भारतीय मुद्रा (एफआईसीएन) की पहचान और उससे संबंधित आवश्यक सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान बैंक कर्मियों ने जवानों को असली एवं नकली नोटों के बीच अंतर पहचानने के विभिन्न तरीकों से अवगत कराया। साथ ही, नोटों की सुरक्षा विशेषताओं की जांच करने, संदिग्ध मुद्रा के प्रति सतर्क रहने तथा नकली नोटों के प्रचलन को रोकने के लिए बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया गया।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि नकली भारतीय मुद्रा का प्रचलन आर्थिक व्यवस्था के लिए चुनौती है। ऐसे में सुरक्षा बलों के जवानों के लिए नकली नोटों की पहचान करने और संदिग्ध गतिविधियों के प्रति सतर्क रहना महत्वपूर्ण है। इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों से जवानों की वित्तीय समझ बढ़ने के साथ-साथ उनकी कार्यकुशलता में भी सुधार होता है। कार्यक्रम का नेतृत्व 45वीं वाहिनी एसएसबी, बीरपुर के कार्यवाहक कमांडेंट जगदीश शर्मा ने किया। उनके नेतृत्व में जवानों को वित्तीय जागरूकता और नकली भारतीय मुद्रा की पहचान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं।

45वीं वाहिनी एसएसबी की ओर से बताया गया कि जवानों की जागरूकता, सतर्कता और कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र