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जलस्तर में मामूली गिरावट,नवगछिया में बाढ़ का तांडव जारी, इंजीनियरिंग कॉलेज अब भी जलमग्न

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जलस्तर में मामूली गिरावट,नवगछिया में बाढ़ का तांडव जारी, इंजीनियरिंग कॉलेज अब भी जलमग्न


भागलपुर, 19 सितंबर (हि.स.)। जिले में बाढ़ की विभीषिका झेल रहे लोगों के लिए राहत की खबर अब भी दूर है। पिछले 12 घंटों के दौरान नवगछिया अनुमंडल में गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में करीब 10 सेंटीमीटर की मामूली कमी दर्ज की गई है। नदियों के उफान में आई इस सुस्ती के बावजूद निचले और मैदानी इलाकों में बाढ़ की स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे हजारों की आबादी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।

राष्ट्रीय राजमार्ग 80 के कई महत्वपूर्ण हिस्सों पर अब भी दो से तीन फीट तक पानी बह रहा है। पानी के तेज बहाव के कारण इस मार्ग पर छोटे वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप है, जबकि बड़े वाहनों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। राहगीर जान जोखिम में डालकर गंतव्य तक पहुंचने को मजबूर हैं। शहर के प्रतिष्ठित भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। पूरा कॉलेज परिसर इस समय किसी टापू में तब्दील हो चुका है। प्रशासनिक भवनों से लेकर छात्रावासों के मुख्य द्वारों तक बाढ़ का पानी भरा हुआ है।

परिसर में जलजमाव के कारण शैक्षणिक कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं और वहां रह रहे कर्मचारियों व छात्रों को आवश्यक सामग्रियों के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रही है। भले ही नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है, लेकिन जलजमाव वाले शहरी और ग्रामीण इलाकों में महामारी फैलने का खतरा मंडराने लगा है।

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पानी घटने की रफ्तार बेहद धीमी है और प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री तथा नावों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। इधर, जिला प्रशासन का दावा है कि स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है और प्रभावितों तक राहत पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर