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सीवान में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने वाली पांच एजेंसियों पर 1.33 करोड़ का जुर्माना, खराब लाइटों पर प्रशासन सख्त

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सीवान, 06 नवंबर (हि.स.)। गांवों को रोशन करने के लिए लगायी गयी सोलर स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव में लापरवाही बरतना पांच कार्यकारी एजेंसियों को भारी पड़ गया है।

मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत स्थापित लाइटों में खराबी और सिग्नल लॉस की शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन ने पांच एजेंसियों पर कुल 1 करोड़ 33 लाख 60 हजार 130 रुपये का जुर्माना लगाया है।

जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा के अनुमोदन के बाद जिला पंचायत राज पदाधिकारी बालेंदु नारायण पांडेय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से योजना के तहत काम करने वाली एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।

जिला जनसंपर्क शाखा के अनुसार, बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग के निर्देश पर यह कार्रवाई की गयी है। सीएमएस पोर्टल से 30 अक्तूबर 2026 को प्राप्त आंकड़ों की समीक्षा में एजेंसियों की ओर से स्थापित सोलर स्ट्रीट लाइटों में सिग्नल लॉस और फॉल्टी लाइट्स की शिकायतें सामने आयी थीं। जांच में लाइटों के खराब और निष्क्रिय रहने से संबंधित समस्याएं चिह्नित की गयीं। इसके बाद विभागीय प्रावधानों के तहत संबंधित एजेंसियों पर आर्थिक दंड लगाया गया।

विभागीय निर्देश के अनुसार, यदि कोई सोलर स्ट्रीट लाइट 72 घंटे से अधिक समय तक खराब या निष्क्रिय रहती है, तो संबंधित एजेंसी पर प्रतिदिन 10 रुपये की दर से दंड लगाने का प्रावधान है। अनुबंध की शर्तों के मुताबिक, जुर्माने की राशि संबंधित एजेंसियों की परफॉर्मेंस बैंक गारंटी (पीबीजी) से वसूल की जानी है।

जिन पांच एजेंसियों पर कार्रवाई की गयी है, उनमें ब्रिज एंड रूफ कंपनी लिमिटेड, जीईआईई सोलर प्रोडक्ट लिमिटेड, आईटीआई लिमिटेड, जय ऑटो व्हीकल लिमिटेड और सूर्यम इंटरनेशनल लिमिटेड शामिल हैं। इन सभी पर कुल 1,33,60,130 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जय ऑटो व्हीकल लिमिटेड को छोड़कर शेष चार एजेंसियों की जुर्माना राशि उनकी पीबीजी से काटी जायेगी।

वहीं, जय ऑटो व्हीकल प्राइवेट लिमिटेड के मामले में दंड की राशि का समायोजन जिला स्तर पर उसके शेष 25 प्रतिशत नियत भुगतान में से कटौती कर किया जायेगा। योजना के तहत सोलर स्ट्रीट लाइटों की कार्यशीलता सुनिश्चित करने के लिए अब निगरानी व्यवस्था भी सख्त की जा रही है।

पंचायती राज विभाग के निदेशक आनंद शर्मा की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, संबंधित सभी स्तरों पर विशेष कोषांग (सेल) का गठन किया जायेगा। यह कोषांग प्रतिदिन सोलर स्ट्रीट लाइटों की कार्यशीलता की समीक्षा करेगा, ताकि खराब लाइटों की पहचान कर समय पर उनकी मरम्मत करायी जा सके।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि गांवों में लगायी गयी सोलर स्ट्रीट लाइटों को लगातार क्रियाशील रखना संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान लाइटें खराब या बंद पाये जाने पर एकरारनामा की शर्तों के अनुसार संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध आवश्यक और कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर स्ट्रीट लाइट योजना की जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब प्रतिदिन निगरानी और दंडात्मक प्रावधानों के प्रभावी अनुपालन से यह सुनिश्चित करने की कोशिश होगी कि गांवों में लगायी गयीं लाइटें केवल कागजों पर नहीं, बल्कि वास्तव में रात के समय लोगों के लिए रोशनी का साधन बनें।

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हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma