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सीवान में भीषण विस्फोट से पांच की मौत, रात 10 बजे रोका गया रेस्क्यू अभियान

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सीवान में भीषण विस्फोट से पांच की मौत, रात 10 बजे रोका गया रेस्क्यू अभियान


सीवान, 24 अक्टूबर (हि.स.)। बिहार में सीवान जिले के जामो बाजार थाना क्षेत्र के आलमपुर में हुए भीषण विस्फोट ने पांच लोगों की जान ले ली। विस्फोट के बाद मकान के मलबे और आसपास के इलाके से जिला प्रशासन ने पांच शव बरामद किए हैं।

मृतकों में मकान के गृहस्वामी आलमपुर निवासी स्वर्गीय इस्लाम मियां के 65 वर्षीय पुत्र अमीरुद्दीन मियां, स्वर्गीय अयाद अहमद की पुत्री 13 वर्षीय खुशबू सिद्दीकी, आजाद अहमद की पुत्री 23 वर्षीय मुस्कान सिद्दीकी, फिरोज अहमद के आठ वर्षीय पुत्र अरसद सिद्दीकी तथा बड़हरिया थाना क्षेत्र के सदरपुर निवासी स्वर्गीय शंकर सिंह के 35 वर्षीय पुत्र राजकुमार सिंह शामिल हैं।

हादसे में पांच लोगों की मौत से इलाके में मातम पसरा हुआ है। विस्फोट इतना भीषण था कि मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद मलबे के नीचे अन्य लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़े स्तर पर बचाव एवं राहत अभियान चलाया। हालांकि, मकान की जर्जर स्थिति, रुक-रुककर हो रहे विस्फोट और अंधेरे के कारण बचावकर्मियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रात करीब 10 बजे पांच शव बरामद करने के बाद रेस्क्यू अभियान रोक दिया गया।

बताया जाता है कि शनिवार को रेस्क्यू टीम जेसीबी की मदद से मकान का मलबा हटाकर परिवार के अन्य सदस्यों की तलाश करेगी। अभियान के दौरान किसी अन्य व्यक्ति के मलबे में दबे होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई की तैयारी की गई है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी नीलेश कुमार, डीएम विजय प्रकाश मीणा और एसपी भारत सोनी समेत जिले के तमाम पदाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्य की निगरानी की। रात में रेस्क्यू अभियान स्थगित होने के बाद सभी पदाधिकारी मुख्यालय लौट गए।

बचाव एवं राहत कार्य में करीब 14 एंबुलेंस, पांच से अधिक दमकल गाड़ियां, तीन मोर्चरी वाहन और सैकड़ों पुलिसकर्मियों को लगाया गया था।

सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम भी घटनास्थल पर तैनात रही, ताकि जरूरत पड़ने पर घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। फिलहाल प्रशासन के सामने क्षतिग्रस्त मकान के मलबे को सुरक्षित तरीके से हटाकर संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश करना सबसे बड़ी चुनौती है।

विस्फोट किस कारण हुआ और हादसे में कुल कितने लोग प्रभावित हुए, इसकी पूरी जानकारी जांच एवं बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma