हिंसक प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी का बड़ा फैसला, बीएनएसएस की धारा-163 के तहत आदेश जारी
सीवान, 26 जुलाई (हि.स.)। जिले में छात्र आंदोलन के दौरान हुए हिंसक विरोध-प्रदर्शन, तोड़फोड़ और लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने तत्काल प्रभाव से जिले में पूर्व में जारी सभी प्रकार के धरना-प्रदर्शन की स्वीकृतियों को रद्द कर दिया है।
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि विभिन्न क्षेत्रों से छात्रों के उग्र प्रदर्शन, हिंसा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की सूचनाएं प्राप्त हुई थीं। 25 जुलाई को विभिन्न संगठनों द्वारा आयोजित बिहार बंद को देखते हुए जिले में शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। बड़ी संख्या में दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं पुलिस बल की तैनाती भी की गई थी।
आदेश में उल्लेख किया गया है कि छात्रों ने 25 जुलाई को शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन की अनुमति ली थी, लेकिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण न रहकर हिंसक रूप धारण कर गया। इसके चलते कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हुई।
इसी को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा-163 के तहत सीवान जिले में अधीनस्थ दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों द्वारा पूर्व में जारी सभी धरना-प्रदर्शन की स्वीकृतियां तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक निरस्त कर दी गई हैं।
जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने स्पष्ट किया है कि जिले में शांति, सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma

