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मां की विदाई पर सुहागन महिलाओं ने खेला सिंदूर की होली

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मां की विदाई पर सुहागन महिलाओं ने खेला सिंदूर की होली


अररिया 21 अक्टूबर(हि.स.)। शारदीय नवरात्र के अंतिम दिन बुधवार को शक्ति की देवी मां दुर्गा की विदाई पर विभिन्न पूजा पंडालों में स्थापित प्रतिमा पर सुहागन महिलाओं ने सिंदूर चढ़ाकर एक दूसरे को सिंदूर लगाकर आशीर्वाद प्रदान किया।मौके पर सुहागन महिलाओं ने सिंदूर खेला के तहत एक दूसरे के मांग पर सिंदूर लगाने के साथ गाल में भी सिंदूर लगाया।

बंगाली समुदाय की महिलाओं में सिंदूर खेला को लेकर विशेष उत्साह देखा गया।दरअसल सिंदूर खेला एक प्राचीन और प्रसिद्ध परंपरा है, जो दशमी के दिन मां दुर्गा की विदाई से पहले मनाई जाती है। इस दौरान सुहागन महिलाएं मां को सिंदूर चढ़ाती हैं और फिर आपस में सिंदूर लगाकर सुहाग की लंबी उम्र की कामना करती हैं।

मां की भक्त डॉ मीरा सिंह ने बताया कि देव वरण के तहत विसर्जन से पहले महिलाएं मां दुर्गा के चरणों और माथे पर सिंदूर लगाती हैं, उन्हें पान और मिठाई का भोग अर्पित करती हैं।

पूजा के बाद महिलाएं एक-दूसरे के माथे और गालों पर सिंदूर लगाती हैं और सदा सुहागन को लेकर शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद देती हैं।मान्यता के अनुसार शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा मायके आती हैं और दशमी के दिन उनकी विदाई की जाती है।

रस्म को सुहाग की सलामती, समृद्धि और आपसी भाईचारे का प्रतीक माना जाता है।

फारबिसगंज के बिहार बंगाली समिति द्वारा खोखा बाबू के गोला,बंगाली टोला काली मंदिर,हाई स्कूल रोड दुर्गा पूजा समिति,गोदना ठाकुरबाड़ी,सुल्तान पोखर,चौहान टोला,पुस्तकालय, गोढ़ीहारे,मां अम्बे अर्चना मंदिर सहित अन्य पूजा पंडालों में स्थापित मां दुर्गा के समक्ष सुहागन महिलाओं ने इस रस्म को निभाया।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर