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54 फीट के कांवर के साथ बाबाधाम रवाना हो रहे कांवरिये

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54 फीट के कांवर के साथ बाबाधाम रवाना हो रहे कांवरिये


भागलपुर, 06 अगस्त (हि.स.)।

गंगा धाम यानी अजगैबीनाथ धाम से सावन के पावन माह में प्रतिदिन बड़ी संख्या में कांवरिया श्रद्धालु रवाना हो रहे हैं, इस दौरान शिव भक्त अपने साथ साधारण कावड़ से लेकर आकर्षक और विशाल कांवड़ भी लेकर जा रहे हैं।

इस दौरान पटना सिटी से आए श्री विशाल शिवधारी संघ के द्वारा आकर्षक और विशाल कांवड़ बाबाधाम जिला अभिषेक करने के लिए ले जाया जा रहा हैं, जो शिव भक्तों, कावड़िया श्रद्धालुओं और पूरे कावड़िया पथ पर आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

बाबाधाम जाने वाले अधिकांश कांवरिए अपने कंधों पर चार से पांच या अधिक से अधिक सात फीट का कांवड़ लेकर जल अर्पित करने निकलते हैं। लेकिन कच्ची कांवरिया पथ पर इस बार जो कांवड़ दिखाई दिया, उसने हर किसी को पलभर के लिए रुकने पर मजबूर कर दिया। वजह थी इसकी लंबाई पूरे 54 फीट।

इसे उठाने के लिए एक-दो नहीं, बल्कि एक साथ नौ कांवरियों की जरूरत पड़ती है। सैकड़ों श्रद्धालुओं का यह जत्था भक्ति, एकता और सनातन संस्कृति का संदेश देते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ रहा है।

उल्लेखनीय हो कि 54 फीट लंबे इस भव्य कांवड़ को पटना सिटी के श्री विशाल शिवधारी संघ ने तैयार किया है रंग-बिरंगी सजावट, देवी-देवताओं की प्रतिमाएं और घुंघरुओं से सजा यह कांवड़ कच्ची कांवरिया पथ पर जहां से भी गुजर रहा है, लोग रुककर इसे देख रहे हैं और मोबाइल में इसकी तस्वीरें कैद कर रहे हैं। इस विशाल कांवड़ को एक साथ नौ कांवरिए अपने कंधों पर उठाते हैं। जबकि पूरे जत्थे में 500 से 600 श्रद्धालु शामिल हैं, जो बारी-बारी से कांवड़ उठाकर सुल्तानगंज से होते देवघर तक की 105 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर रहे हैं।

पूरे रास्ते ढोल-मंजीरे और बोल बम के जयघोष से माहौल भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालुओं का कहना है कि इस 54 फीट लंबे कांवड़ को केवल 48 घंटे में तैयार किया गया। हर साल उनका उद्देश्य सिर्फ जल चढ़ाना नहीं, बल्कि समाज में एकता, भाईचारे और विश्व शांति का संदेश देना भी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर