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आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका विषय पर सेमिनार का आयोजन

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आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका विषय पर सेमिनार का आयोजन


सहरसा, 17 जुलाई (हि.स.)। स्थानीय ईस्ट एन वेस्ट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया।

सेमिनार का उद्घघाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर, ईस्ट एन वेस्ट शैक्षणिक समूह के चेयरमैन रजनीश रंजन, आरएसएस कोशी विभाग के सह कार्यवाह राधेश्वर झा के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। अतिथियों का सम्मान अंग वस्त्र एवं पुष्प गुच्छ भेंट कर किया गया।

अपने उद्बोधन में सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर ने कोशी के युवाओं के प्रति आशान्वित भाषा में कहा कि कोशी शक्ति का केंद्र रहा है।यहां की उर्वरा मिट्टी में छात्र युवा शक्ति समय समय पर अंकुरित होते रहा है।

उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्र की सर्वांगीण विकास के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई। उन्होंने कहा भारत के अंतिम पर जब प्रकाश डालते है तो इसका इतिहास हमेशा ही वैभवशाली रहा है। कहा भारत ने दुनिया को हर क्षेत्र में ज्ञान, विज्ञान,कला, साहित्य देने का काम किया है।

उन्होंने कहा जब हम भारत के स्वतंत्रता संग्राम पर नजर डालते हैं तो युवा स्वतंत्रता सेनानीयों ने महत्ती भूमिका निभाई। इतना ही नहीं द्वितीय विश्व युद्ध के समय भी देश के युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में राष्ट्र के प्रति देश के हर व्यक्ति में राष्ट्र सम्मान को लेकर आयोजित सेमिनार में उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि देश के सभी नागरिकों के पास जब तक देश सर्वमान्य का भाव जागृत नहीं आएगा तब तक देश व आगे नहीं बढ़ सकता हैं। उन्होंने कहा कि जिस दिन यह भाव हर व्यक्ति में आ जाएगा उस दिन इस देश को आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता है। संघ इसी दिशा में काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्र पुनः वैभवशाली राष्ट्र की ओर आगे बढ़ते हुए देश दुनिया को हर क्षेत्र में ज्ञान देने का काम करेगा।

युवाओं को संबोधित करते हुए चक्रधर ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में देश के हर युवा को पहले अपने जीवन में खुद को बदलना होगा। हर व्यक्ति में सेवा के भाव को जागृत करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि मातृभूमि को समझने वाला हर व्यक्ति राष्ट्रवादी हैं। इस देश में जन्म लेने वाला सभी हिन्दू है और भारत माता की संतान हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / अजय कुमार