मानव व्यापार रोकने के लिए पुलिस व समाज में समन्वय जरूरी : शिल्पी सिंह
कटिहार, 13 मार्च (हि.स.)। समाजसेवी संस्था भूमिका विहार द्वारा बिहार पुलिस मुख्यालय पटना के निर्देशानुसार कटिहार के एक निजी होटल में “सीमांचल के सीमावर्ती इलाकों में डिजिटल माध्यमों से बढ़ते मानव व्यापार” विषय पर एक महत्वपूर्ण पूर्णिया प्रमंडल स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में 150 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें सीमांचल क्षेत्र के कटिहार, अररिया, पूर्णिया एवं किशनगंज जिलों से बिहार पुलिस के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी शामिल थे।
बैठक की अध्यक्षता डॉ. (प्रो.) पीएम नायर – पूर्व महानिदेशक, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने की। उन्होंने कहा कि मानव व्यापार का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और अब डिजिटल माध्यम इसके नए रास्ते बन रहे हैं। बिहार में वर्ष 2022 में मानव व्यापार के 260 मामले दर्ज हुए, जबकि वर्ष 2023 में 132 मामलों में 510 पीड़ितों की पहचान हुई, जिनमें 353 बच्चे थे।
बैठक में प्रो. (डॉ.) राणा सिंह – निदेशक, चन्द्रगुप्त प्रबंधन संस्थान, पटना ने कहा कि मानव व्यापार के पीछे गरीबी, अशिक्षा, बेरोजगारी और जागरूकता की कमी जैसे सामाजिक कारण प्रमुख हैं। तस्कर इन्हीं कमजोरियों का फायदा उठाकर बच्चों और युवाओं को बेहतर जीवन और रोजगार का लालच देकर अपने जाल में फँसाते हैं।
मधुकर अमिताभ – उप महानिरीक्षक पुलिस, सेक्टर मुख्यालय सशस्त्र सीमा बल, पूर्णिया ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मानव व्यापार एक गंभीर सुरक्षा चुनौती बनता जा रहा है और डिजिटल माध्यमों के कारण तस्करी के तरीके और जटिल हो गए हैं।
बैठक में प्रतिभागियों ने डिजिटल माध्यमों से बढ़ते मानव व्यापार की पहचान, जोखिमग्रस्त बच्चों की सुरक्षा, बचाव-संरक्षण-पुनर्वास तंत्र को मजबूत करने तथा पुलिस एवं नागरिक समाज संगठनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में भूमिका विहार की निदेशिका शिल्पी सिंह ने सभी मुख्य अतिथियों, पुलिस विभाग के अधिकारियों, प्रतिभागियों तथा सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया तथा मंच संचालन अभिलाषा परिवार के सचिव राजेश सिंह ने की।
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हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह

