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सुरक्षित बचपन अभियान में बच्चों को बाल अधिकारों और सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

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सुरक्षित बचपन अभियान में बच्चों को बाल अधिकारों और सुरक्षा के प्रति किया जागरूक


सुपौल, 29 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की परिकल्पना के तहत संचालित ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के चौथे दिन गुरुवार को निर्मली के विभिन्न विद्यालयों में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), सुपौल के अध्यक्ष राजेश कुमार बच्चन के मार्गदर्शन में निर्मली हाई स्कूल, ओमश्री साईं पब्लिक स्कूल एवं डीएम पंसारी विद्यालय में बच्चों को बाल अधिकारों, सुरक्षा और संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।

अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों की जानकारी देने के साथ उन्हें अपनी समस्याएं साझा करने, प्रश्न पूछने और निर्भीक होकर अपनी बात रखने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास विकसित करने और किसी भी प्रकार के शोषण या हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निर्मली अनुमंडल न्यायालय के न्यायाधीश श्याम नाथ साह ने कहा कि बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ अपनी समस्याएं साझा करने और निडर होकर बोलने के लिए प्रोत्साहित करना इस अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

उन्होंने बच्चों को बताया कि मेला या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ के दौरान किसी परेशानी में फंसने पर नजदीकी पुलिसकर्मी से मदद लेनी चाहिए और अपनी समस्या की जानकारी देनी चाहिए।

यूनिसेफ से जुड़े अशोक कुमार ने बिहार सरकार की ‘सुरक्षित शनिवार’ पहल की जानकारी देते हुए कहा कि विद्यालयों में बच्चों को विभिन्न प्रकार की आपदाओं से बचाव के उपाय बताए जाते हैं। उन्होंने बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और सुरक्षा संबंधी जानकारियों को व्यवहार में अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस दौरान बच्चों को उनके चार प्रमुख अधिकारों के बारे में भी जानकारी दी गई।

कोशी प्रहरी के प्रतिनिधि प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि विद्यालयों में शिकायत पेटी की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि बच्चे बिना किसी डर के अपनी समस्याएं और शिकायतें साझा कर सकें। उन्होंने बाल शोषण, हिंसा से सुरक्षा, बाल मजदूरी और मानव तस्करी की रोकथाम के प्रति जागरूकता को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनकी सहभागिता भी महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बताया गया कि किसी भी समस्या या शिकायत के समाधान के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल से संपर्क किया जा सकता है। अपनी शिकायत डाक अथवा अन्य उपलब्ध माध्यमों से भी प्राधिकार तक पहुंचाई जा सकती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल एवं कोशी प्रहरी के सहयोग से आयोजित इस अभियान का उद्देश्य बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना, उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना और उनकी आवाज को मजबूती देना है।

इस अवसर पर अधिवक्ता गीता गुप्ता, भोला प्रसाद यादव, चंद्र मोहन आचार्य, शिक्षक फूलदेव यादव, हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक संजय कुमार तथा ओमश्री साईं पब्लिक स्कूल, निर्मली के निदेशक पीएन सिंह सहित अन्य शिक्षक एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र