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सुपौल में प्रधानाध्यापक पर गिरी कार्रवाई की तलवार, निलंबन की अनुशंसा

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सुपौल में प्रधानाध्यापक पर गिरी कार्रवाई की तलवार, निलंबन की अनुशंसा


सुपौल, 28 जुलाई (हि.स.)। जिले के मरौना प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय, कोनी अमरदास टोला के प्रधानाध्यापक के खिलाफ गंभीर आरोपों के बाद विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया तेज हो गई है।

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) वरेंद्र कुमार ने जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रधानाध्यापक के निलंबन की अनुशंसा करते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), सुपौल को पत्र भेजा है।बीईओ के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे विद्यालय का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई छात्र विद्यालय परिसर में घूमते मिले। छात्रों ने बताया कि उस समय तक उन्हें मध्याह्न भोजन नहीं मिला था।

जांच में यह भी सामने आया कि छात्रों की उपस्थिति पंजी में नियमित रूप से हाजिरी दर्ज नहीं की गई थी। आरोप है कि उपस्थिति और अनुपस्थिति अंकित करने के बजाय केवल डॉट लगाए गए थे, जिससे विद्यालय के संचालन पर सवाल खड़े हुए।

मामले में प्रधानाध्यापक से 16 जुलाई को स्पष्टीकरण मांगा गया था। उन्होंने 20 जुलाई को अपना जवाब सौंपा, लेकिन बीईओ ने उसे असंतोषजनक मानते हुए आगे विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा कर दी।बीईओ ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि प्रधानाध्यापक द्वारा बच्चों के बीच कार्यालय और सरकार के प्रति अभद्र एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग किए जाने का आरोप है। इस संबंध में कथित ऑडियो साक्ष्य सुरक्षित होने का भी दावा किया गया है।

प्रधानाध्यापक भगवानी मंडल ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वे रक्तचाप की दवा का सेवन करते हैं। संभव है कि किसी समय उनसे कुछ अनुचित शब्द निकल गए हों, लेकिन उन्हें याद नहीं है कि ऐसा कब हुआ।अब पूरे मामले की समीक्षा जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) स्तर पर की जाएगी, जिसके बाद विभागीय कार्रवाई पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र