21 अक्टूबर को विजयादशमी और दुर्गा विसर्जन का निर्णय शास्त्रसम्मत : विद्वान
दरभंगा, 12 अक्टूबर (हि.स.)। वर्ष 2026 में विजयादशमी और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की तिथि को लेकर चल रही चर्चा के बीच कई धर्मशास्त्र एवं ज्योतिष के विद्वानों ने शास्त्रीय प्रमाणों के आधार पर 21 अक्टूबर को विजयादशमी मनाने और दुर्गा विसर्जन करने को उचित बताया है।
पंचांग गणना के अनुसार, 20 अक्टूबर को सूर्योदय के समय नवमी तिथि रहेगी, जो सुबह 9:46 बजे तक है। वहीं, 21 अक्टूबर को सूर्योदय के समय दशमी तिथि रहेगी, जो सुबह 11:02 बजे तक विद्यमान रहेगी। विद्वानों के अनुसार, देवकर्म में सूर्योदय व्यापिनी तिथि और पूर्वाह्न काल का विशेष महत्व है।
वरिष्ठ धर्मशास्त्री एवं ज्योतिर्वेद विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. राजनाथ झा ने विष्णुधर्मोत्तर, नन्दिकेश्वर और हेमाद्रि के प्रमाणों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस वर्ष 21 अक्टूबर को दशमी तिथि सूर्योदय से पूर्वाह्न तक रहने के कारण इसी दिन विजयादशमी और दुर्गा विसर्जन करना उचित है।
कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के सहायक प्राचार्य एवं गणितकर्ता डॉ. वरुण कुमार झा ने कहा कि पंचांग केवल तारीखों की सूची नहीं, बल्कि धार्मिक कर्मों के समय निर्धारण का आधार है। 20 अक्टूबर को सूर्योदय के समय नवमी और 21 अक्टूबर को दशमी रहने के कारण दोनों दिनों को समान नहीं माना जा सकता।
वरिष्ठ धर्मशास्त्री एवं ज्योतिषाचार्य ऋषभ कुमार ने भी आश्विन शुक्ल पक्ष में सूर्योदय के समय दशमी तिथि की उपस्थिति को विजयादशमी निर्धारण का आधार बताया। वहीं, हंसिका कश्यप, डॉ. राम कुमार झा और डॉ. राकेश कुमार झा ने भी तिथि संबंधी शास्त्रीय प्रमाणों का हवाला देते हुए 21 अक्टूबर को विजयादशमी और दुर्गा विसर्जन के पक्ष में अपना मत रखा।
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हिन्दुस्थान समाचार / Krishna Mohan Mishra

