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यूजीसी के नए नियम के खिलाफ सड़कों पर उतरा सवर्ण समाज, छपरा में किया प्रदर्शन

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यूजीसी के नए नियम के खिलाफ सड़कों पर उतरा सवर्ण समाज, छपरा में किया प्रदर्शन


यूजीसी के नए नियम के खिलाफ सड़कों पर उतरा सवर्ण समाज, छपरा में किया प्रदर्शन


यूजीसी के नए नियम के खिलाफ सड़कों पर उतरा सवर्ण समाज, छपरा में किया प्रदर्शन


सारण, 15 सितंबर (हि.स.)। यूजीसी के नए नियमों और संशोधनों के विरोध में सवर्ण समाज का आक्रोश सड़कों पर उतर आया। युवाओं, छात्र प्रतिनिधियों और स्वर्ण समाज के लोगों ने छपरा शहर में एक विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। प्रदर्शन की शुरुआत छपरा कचहरी स्टेशन से हुई, जहाँ सुबह से ही बड़ी संख्या में नागरिक एकत्र होने लगे थे।

हाथों में यूजीसी एक्ट रोल बैक और काला कानून वापस लो की तख्तियां लिए प्रदर्शनकारियों ने केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कचहरी स्टेशन से शुरू हुआ यह पैदल मार्च शहर के प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों से गुजरते हुए आगे बढ़ा और समाहरणालय पहुंच जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

विरोध के दौरान युवाओं का गुस्सा साफ नजर आ रहा था। सामाजिक प्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि नीतियों के नाम पर अधिकारों के साथ खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं होगा। मीडिया से बातचीत के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी ने आक्रोश जताते हुए कहा कि नए नियम सवर्ण समाज के छात्रों के अधिकारों का हनन करते हैं।

महिला प्रदर्शनकारी ने कहा हमारे पूर्वजों ने देश निर्माण के लिए अपनी रियासतें, जमीनें और किले तक दान में दे दिए। लेकिन आज उनके वंशजों को ही अधिकारों से वंचित और प्रताड़ित किया जा रहा है। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच आयोजित इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में कई सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी रही।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि यूजीसी के विवादित प्रावधानों को तत्काल वापस नहीं लिया गया, तो सवर्ण समाज आगामी चुनावों में अपनी एकजुटता दिखाएगा और इस आंदोलन को राष्ट्रव्यापी रूप दिया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार