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सारण में बाढ़ का पानी उतरते ही संक्रमण के खिलाफ छिड़काव और स्वास्थ्य सेवाएं तेज

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सारण में बाढ़ का पानी उतरते ही संक्रमण के खिलाफ छिड़काव और स्वास्थ्य सेवाएं तेज


सारण में बाढ़ का पानी उतरते ही संक्रमण के खिलाफ छिड़काव और स्वास्थ्य सेवाएं तेज


सारण में बाढ़ का पानी उतरते ही संक्रमण के खिलाफ छिड़काव और स्वास्थ्य सेवाएं तेज


सारण में बाढ़ का पानी उतरते ही संक्रमण के खिलाफ छिड़काव और स्वास्थ्य सेवाएं तेज


सारण में बाढ़ का पानी उतरते ही संक्रमण के खिलाफ छिड़काव और स्वास्थ्य सेवाएं तेज


सारण, 09 अक्टूबर (हि.स.)। जिले में बाढ़ का पानी घटने के साथ ही जनजीवन को सामान्य बनाने और संक्रमण के खतरों से निपटने के लिए प्रशासन ने युद्ध स्तर पर अभियान शुरू कर दिया है। पानी उतरने के बाद बची गंदगी और कीचड़ के कारण फैलने वाली बीमारियों की आशंका को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में चूना और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है।

जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के निर्देश पर जिले के छह प्रमुख बाढ़ प्रभावित प्रखंडों मकेर, परसा, अमनौर, पानापुर, तरैया और दरियापुर में निरोधात्मक कार्रवाई तेज कर दी गई है। लंबे समय तक जलमग्न रहे इन क्षेत्रों में पानी की निकासी के बाद उपजी गंदगी से उत्पन्न होने वाले संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए विशेष फोकस किया गया है।

स्वास्थ्य और संबंधित विभागों की टीमें प्राथमिकता के आधार पर सैनिटाइजेशन का कार्य सुनिश्चित कर रही हैं, ताकि जल्द से जल्द स्वच्छ वातावरण बहाल हो सके। इसके साथ ही प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ रखने के लिए लगातार मेडिकल कैंप लगाए जा रहे हैं। इन कैंपों के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग की टीमें बाढ़ पीड़ितों के स्वास्थ्य की नियमित जांच कर रही हैं।

जरूरतमंद मरीजों को मौके पर ही चिकित्सकीय परामर्श के साथ आवश्यक दवाइयां भी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य बाढ़ के बाद किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या या महामारी को फैलने से रोकना है। स्थानीय प्रशासन और चिकित्सा दल पूरी तरह मुस्तैद हैं और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, जिससे प्रभावित लोगों को हरसंभव राहत मिल सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार