सारण में बाढ़ राहत कार्यों में लापरवाही पर प्रखंड स्तरीय कई अधिकारियों समेत प्रधान लिपिक पर हुई कार्रवाई
सारण, 09 अक्टूबर (हि.स.)। जिले में बाढ़ की गंभीर और आपात स्थिति के बीच आपदा राहत एवं बचाव कार्यों में कोताही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के निर्देश पर कर्तव्यहीनता, मुख्यालय से गायब रहने और सरकारी फोन न उठाने के गंभीर आरोपों में मकेर, रिविलगंज और परसा प्रखंड के कई अधिकारियों व कर्मियों पर निलंबन, एफआईआर और स्पष्टीकरण की कार्रवाई की गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आपदा प्रबंधन में किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बाढ़ राहत कार्यों में वरीय अधिकारियों के आदेश की अवहेलना करने पर मकेर अंचल कार्यालय के प्रधान लिपिक सुभाष कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इनके विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 56 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त मकेर के ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक नागेंद्र पंडित के मुख्यालय से अनुपस्थित रहने पर उनसे 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
परसा प्रखंड क्षेत्र में तैनात प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी, प्रोग्राम पदाधिकारी मनरेगा, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी की क्षेत्र में अनुपस्थिति और सरकारी फोन न उठाने की शिकायत पर जिला प्रशासन ने स्पष्टीकरण मांगा है।
जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों को प्रभावित परिवारों तक भोजन, सुरक्षित आश्रय और चिकित्सा सहायता पहुंचाने के लिए क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहने का निर्देश दिया है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि वर्तमान आपदा स्थिति में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सहायता करना सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार

