home page

जिलाधिकारी ने अधिकारी से आर्सेनिक प्रभावित इलाकों की मांगी रिपोर्ट

 | 
जिलाधिकारी ने अधिकारी से आर्सेनिक प्रभावित इलाकों की मांगी रिपोर्ट


सारण, 31 अगस्त (हि.स.)। समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जिला गंगा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में गंगा नदी के संरक्षण, तटों के विकास, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई।

हाल ही में रिविलगंज, कोपा और मांझी को छपरा नगर निगम के अंतर्गत टैग किए जाने के बाद वहां ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था को दुरुस्त करने पर विशेष बल दिया गया। रिविलगंज क्षेत्र में एमआरएफ और कंपोस्टिंग प्लांट की स्थापना के लिए गरखा में लगभग 4.1 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है।

इसके अलावा सोनपुर और दिघवारा को आपस में टैग करते हुए दो अतिरिक्त क्लस्टर विकसित करने के लिए भूमि चिह्नित की जा रही है। दिघवारा में चिह्नित भूमि को सतत लीज प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया। एसटीपी कार्यों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि कंसल्टेंट का चयन हो चुका है।

जिलाधिकारी ने इसके लिए भूमि आवंटन एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। वहीं, पीएचईडी द्वारा कराई गई जांच में सोनपुर, दिघवारा और छपरा के तटीय इलाकों में आर्सेनिक की उपस्थिति पाई गई। इस पर जिला पदाधिकारी ने सभी प्रभावित प्रखंडों से विस्तृत जांच रिपोर्ट प्राप्त कर समेकित प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश दिया।

पर्यावरण एवं कृषि सुधार के तहत गंगा तटवर्ती क्षेत्रों में जैविक खेती के नए मॉडल विकसित करने, व्यापक स्तर पर पौधारोपण और बायो-फेंसिंग को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया। जिलाधिकारी ने गंगा नदी को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने का सख्त निर्देश दिया। बैठक में जिला स्तरीय प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार