छपरा नगर निगम कर्मचारियों ने दी 30 अक्टूबर को घेराव और 3 नवंबर से हड़ताल की चेतावनी
सारण, 28 अक्टूबर (हि.स.)। जिले के स्थानीय निकाय और सफाई कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार व प्रशासन के खिलाफ जोरदार मोर्चा खोल दिया है। बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लाईज फेडरेशन एवं बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ संयुक्त मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि 29 अक्टूबर तक उनकी मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो 30 अक्टूबर को सभी नगर निगम, परिषद और पंचायत मुख्यालयों का घेराव किया जाएगा।
इसके बाद 3 नवंबर से कर्मचारी पुनः अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे, जिससे शहरी क्षेत्रों की आवश्यक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में दैनिक व आउटसोर्सिंग कर्मियों का समय पर वेतन भुगतान, पीएफ और ईएसआई अंशदान नियमित रूप से जमा कराना, एनपीएस अंशदान को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत करना, अनुकंपा नियुक्तियों का निष्पादन तथा पिछली हड़ताल के दौरान काटा गया वेतन वापस लेना शामिल है। नेताओं का आरोप है कि पूर्व बैठकों में लिए गए निर्णयों का पूर्ण पालन नहीं किया जा रहा है।
इस आंदोलन की आंच छपरा नगर निगम में भी काफी तेज हो गई है। छपरा इकाई के संघ अध्यक्ष सियाराम सिंह ने महापौर को एक ज्ञापन सौंपकर सफाई कर्मियों की 12 सूत्रीय लंबित मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की है। इस मामले पर छपरा के महापौर लक्ष्मी नारायण गुप्ता ने बताया कि उन्हें कर्मचारी संघ का आवेदन प्राप्त हो चुका है। हालांकि नगर आयुक्त रणजीत कुमार से कई बार संपर्क करने के बाद भी उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो सका, जिससे कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार

