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बिहार में किसी भी राजपूत को किसी नेता पर इतना भरोसा नहीं है कि उनके कहने मात्र से कोई दूसरा उम्मीदवारी छोड़ दे : राजीव प्रताप रूडी

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बिहार में किसी भी राजपूत को किसी नेता पर इतना भरोसा नहीं है कि उनके कहने मात्र से कोई दूसरा उम्मीदवारी छोड़ दे : राजीव प्रताप रूडी


सारण, 03 नवंबर (हि.स.)। सारण जिला में दिशा समिति की बैठक में शामिल होने पहुंचे भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सांसद राजीव प्रताप रूडी ने बेबाक अंदाज में कई सियासी मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) समर्थित जदयू प्रत्याशी की हार पर दुख जताया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि बिहार में किसी भी राजपूत को किसी नेता पर इतना भरोसा नहीं है कि उनके कहने मात्र से कोई दूसरा उम्मीदवारी छोड़ दे ।

कुछ लोगों द्वारा सवाल उठाए जाने पर जब मीडिया ने उनसे पूछा कि क्या उनके कहने पर कोई उम्मीदवार अपनी दावेदारी छोड़ सकता था, तो उन्होंने दो-टूक अंदाज में उन्होंने कहा कि आज बिहार में किसी भी राजपूत को किसी नेता पर इतना भरोसा नहीं है कि उनके कहने मात्र से कोई दूसरा उम्मीदवारी छोड़ दे। मेरे या किसी के कहने पर कोई पीछे हट जाए, ऐसी परिस्थिति फिलहाल बिहार में नजर नहीं आती है। यह पूरी तरह से भाजपा तय करती है कि किसे और कब महत्व देना है।

सारण सांसद ने राजग समर्थित जदयू उम्मीदवार की हार को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है कि तमाम कोशिशों और गठबंधन द्वारा पूरी ताकत झोंकने के बावजूद प्रत्याशी चुनाव जीतने में असफल रहे। उन्होंने माना कि इस परिणाम से कार्यकर्ताओं में निराशा है, लेकिन लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है।

इसके साथ ही रूडी ने राजग की एकजुटता पर जोर देते हुए विश्वास जताया कि बिहार में गठबंधन पूरी तरह से इंटैक्ट है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सानिध्य की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार बेहतरीन कार्य कर रही है। यदि भविष्य में कोई मतभेद उभरकर सामने आते भी हैं, तो गठबंधन के वरिष्ठ नेता आपसी सौहार्द से उसका समाधान निकाल लेंगे। वहीं, एक निर्दलीय उम्मीदवार के भाजपा ज्वाइन करने पर उन्होंने कहा कि यह संगठन का आंतरिक निर्णय है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार