संस्कृत शिक्षा वोर्ड में घोटाला , याचिका दायर
मधुबनी, 04 अक्टूबर (हि.स.)।बिहार संस्कृत शिक्षा वोर्ड में भयंकर घोटाला उजागर हुआ है। कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने इस एवज मे रविवार को संस्कृत शिक्षा वोर्ड के अध्यक्ष सहित शिक्षा मंत्री बिहार सरकार को पत्र प्रेषित किया है।साथ ही पटना उच्च न्यायालय में दर्ज याचिका का भी जिक्र किया है।
पूर्व अध्यक्ष मनोज मिश्र ने बताया कि उच्च न्यायालय में इस संबंध मे याचिका 19889/2026 दर्ज हुई है, जिसमे कहा कि संस्कृत शिक्षकों की फर्जीवाड़ा की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
जानकारी के अनुसार सागर कुमार झा, बखरी (अररिया) के द्वारा विभिन्न माध्यमों से वायरल किये जा रहे। परिवाद-पत्रों, समाचार-पत्रों एवं सरकारी पत्रों से आम नागरिकों को ज्ञात हुआ है कि अररिया जिला अन्तर्गत लगभग 20 प्रस्वीकृत संस्कृत विद्यालयों में वर्ष 2021 में संविदा के आधार पर नियुक्त हुई। जिसमे प्रधानाध्यापकों, सहायक शिक्षकों एवं कार्यालय परिचारियों से मोटी-मोटी रकम लेकर बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड, पटना का फर्जी अनुमोदन-पत्र बनाकर उनकी वर्ष 2012 से ही बड़ी संख्या में व्यक्तियों को नियमित नियुक्त कर देने तथा उन फर्जी अनुमोदन-पत्र का बिना सम्पुष्टि कराये ही उन व्यक्तियों को बकाया वेतन के नाम पर एकमुश्त भुगतान हुई। प्रति व्यक्तियों द्वारा लाखों-लाख सरकारी राशियों की निकासी कराकर बन्दरबांट कर लेने का सनसनीखेज मामला का उद्भेदन हुआ है।
इस महाघोटाला को कराने में अररिया जिला के ही दयानन्द झा, सेवानिवृत प्रधानाध्यापक, दभड़ा (अररिया) के साथ-साथ जिला शिक्षा कार्यालय, अररिया के पदाधिकारी एवं कर्मचारी सहित संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक, सहायक शिक्षक एवं कार्यालय परिचारी की सीधी संलिप्तता ही प्रतीत होती है।
इस कारनामों से दयानन्द झा करोड़ों रुपये के चल-अचल सम्पत्ति के मालिक बन बैठे हैं। जबकि कालिका भवन संस्कृत विद्यालय, बरदबद्दा (पलासी) के विद्यालय प्रबंध समिति के भूतपूर्व सचिव पशुपति नाथ झा एवं वर्तमान सहायक शिक्षक पंकज कुमार झा के पत्रों से यह भी स्पष्ट होता है कि शिक्षा माफिया सरगना दयानन्द झा एवं अन्यों के द्वारा वर्तमान में भी बैक डेटिंग करके नियुक्ति का महाघोटाला करने का सिलसिला जारी ही है।
उपर्युक्त तथ्यों के आधार पर प्रमोद कुमार सिंह, भूतपूर्व विधायक (सुपौल) ने प्रमोद मिश्र, विद्वान अधिवक्ता के माध्यम से पटना उच्च न्यायालय में एक लोकहित याचिका दायर किया है, जिसमें इस नियुक्ति के बैक डेटिंग महाघोटाला में शामिल माफिया सरगना दयानन्द झा, पटेगना, पलासी (अररिया) के साथ-साथ संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक, सहायक शिक्षक, कार्यालय परिचारी एवं शिक्षा विभाग के दोषी पदाधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराते हुए समस्त दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई एवं अन्य कार्रवाईयों को कराने सहित दयानन्द झा के चल-अचल सम्पत्ति की जाँच कराने के लिए अनुरोध किया गया है।
पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज मिश्र ने कहा कि वर्तमान में अब देखना है कि नियुक्ति के इस महाघोटाला पर सरकार की कौन-कौन सी कार्रवाई होती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / लम्बोदर झा

