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सुपौल में 'सखी वार्ता' के जरिए महिलाओं को अधिकारों और सुरक्षा की दी गई जानकारी

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सुपौल में 'सखी वार्ता' के जरिए महिलाओं को अधिकारों और सुरक्षा की दी गई जानकारी


सुपौल, 10 जुलाई (हि.स.)। बाल विवाह, दहेज प्रथा, साइबर सुरक्षा और सरकारी योजनाओं पर किया गया जागरूक महिलाओं और किशोरियों को सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सुपौल जिले में 'सखी वार्ता' कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

महिला एवं बाल विकास निगम, सुपौल के तत्वावधान में जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन (डीएचईडब्ल्यू) द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत सदर प्रखंड के कर्णपुर पंचायत भवन में कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें कर्णपुर, बलहा और सुखपुर सोल्हनी पंचायत की आंगनबाड़ी सेविकाओं के साथ बड़ी संख्या में महिलाओं और किशोरियों ने भाग लिया।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा बाल विवाह, दहेज प्रथा, लैंगिक हिंसा और अन्य सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनजागरण को बढ़ावा देना था।

विशेषज्ञों ने कहा कि जागरूक समाज ही महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित कर सकता है।कार्यक्रम के दौरान जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन की टीम ने बाल विवाह के दुष्परिणामों और उससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। बताया गया कि बाल विवाह कानूनन दंडनीय अपराध है, जिसका सबसे अधिक असर बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर पड़ता है।

प्रतिभागियों को विवाह की वैधानिक आयु, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम तथा कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया। आंगनबाड़ी सेविकाओं से अपने-अपने क्षेत्रों में बाल विवाह रोकने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई।'सखी वार्ता' में महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, पोषण, साइबर सुरक्षा और महिलाओं एवं बालिकाओं के अधिकारों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने घरेलू हिंसा, उत्पीड़न या किसी भी संकट की स्थिति में उपलब्ध सरकारी सहायता, कानूनी परामर्श, चिकित्सा सुविधा, अस्थायी आश्रय और पुलिस सहयोग जैसी सेवाओं की जानकारी दी।कार्यक्रम में महिलाओं को सदर अस्पताल परिसर में संचालित वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं से भी अवगत कराया गया।

साथ ही महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के उपयोग और महत्व की जानकारी देते हुए जरूरत पड़ने पर इन सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की गई।इस अवसर पर जिला मिशन समन्वयक हरिनारायण कुमार, केंद्र प्रशासक कुमारी प्रतिभा, लैंगिक विशेषज्ञ नीतू कुमारी, मोहम्मद तारीक सिद्दीकी, महिला पर्यवेक्षिका खुशबू कुमारी, आंगनबाड़ी सेविकाएं तथा बड़ी संख्या में महिलाएं और किशोरियां मौजूद रहीं। अधिकारियों ने कहा कि जागरूकता और सहभागिता के माध्यम से ही महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र