जटिल प्रसव में सदर अस्पताल बना गरीब परिवारों का सहारा, 40 हजार की बचत
किशनगंज, 11 अक्टूबर (हि.स.)। आर्थिक तंगी के कारण अब गर्भवती महिलाओं के इलाज में परेशानी नहीं हो, इसके लिए सदर अस्पताल किशनगंज में निःशुल्क सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत बन रही है।
निजी अस्पतालों में सिजेरियन प्रसव पर 40 हजार रुपये से अधिक खर्च होने के बीच सरकारी अस्पताल में यह सुविधा मिलने से गरीब परिवारों को आर्थिक बोझ से राहत मिल रही है। यहां सामान्य प्रसव के साथ जटिल मामलों में भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में प्रसव कराया जा रहा है।
सदर अस्पताल में हाल ही में दो गर्भवती महिलाओं का सिजेरियन ऑपरेशन किया गया। इनमें एक महिला की गर्भावस्था निर्धारित समय से आगे बढ़ चुकी थी, जबकि दूसरी महिला की यह पहली गर्भावस्था थी और उसके गर्भाशय में फाइब्रॉइड (गांठ) भी था। ऐसी स्थिति में विशेष चिकित्सकीय सावधानी की आवश्यकता होती है।
दोनों ऑपरेशन स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. शबनम यास्मीन ने किए। रविवार को अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, एक दिन में 20 सामान्य प्रसव कराए गए, जबकि एक अक्टूबर से अब तक 10 सिजेरियन ऑपरेशन किए जा चुके हैं। इससे जिले के ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्थानीय स्तर पर जरूरी चिकित्सा सुविधा मिल रही है। सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था का उद्देश्य आम लोगों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। गर्भवती महिलाओं और नवजातों की सुरक्षा विभाग की प्राथमिकता है।
जिलाधिकारी नवीन कुमार ने भी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और जरूरतमंदों तक सरकारी सुविधाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया। सिजेरियन कराने वाली राधा के पति रमेश ने बताया कि निजी अस्पताल में 40 हजार रुपये से अधिक खर्च करना उनके परिवार के लिए मुश्किल था। सदर अस्पताल में निःशुल्क ऑपरेशन होने से उन्हें बड़ी राहत मिली। उन्होंने सरकार और चिकित्सकों के प्रति आभार जताया।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

