गंगा के उफान ने रोकी 'राजमहल क्रूज' की राह, भागलपुर में थमी रफ्तार, ट्रेन से पटना भेजे गए विदेशी सैलानी
भागलपुर, 15 सितंबर (हि.स.)। गंगा नदी के बढ़े जलस्तर के कारण कोलकाता से वाराणसी जा रहे आलीशान राजमहल गंगा क्रूज की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। राजमहल गंगा क्रूज पिछले 9 दिनों से भागलपुर में गंगा के बीचों-बीच खड़ा है। क्रूज आगे बेगूसराय के सिमरिया सेतु को पार करने का इंतजार कर रहा है, जो मौजूदा जलस्तर के कारण एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। क्रूज पर कुल 11 सैलानी सवार थे, जिनमें 9 विदेशी और 2 भारतीय पर्यटक शामिल थे।
विदेशी सैलानियों में ब्रिटेन, न्यूजीलैंड और नीदरलैंड के नागरिक थे। गंगा के उफान को देखते हुए जिला प्रशासन और क्रूज प्रबंधन ने एहतियात के तौर पर सभी विदेशी सैलानियों को क्रूज से उतारकर ट्रेन के माध्यम से सुरक्षित पटना रवाना कर दिया है। क्रूज प्रबंधन के मुताबिक, यह क्रूज पिछले कई महीनों से पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक और पौराणिक स्थलों की सैर करा रहा है।
उल्लेखनीय है कि 5 सितंबर को विक्रमशिला सेतु पार करने के बाद क्रूज भागलपुर पहुंचा था, लेकिन इसके आगे बेगूसराय का सिमरिया सेतु पार करना फिलहाल बेहद जोखिम भरा है, क्योंकि नदी खतरे के निशान के आसपास बनी हुई है। सुरक्षा के मद्देनजर स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स की टीमें क्रूज के आसपास लगातार गश्त कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, पिछले 24 से 48 घंटों में जलस्तर में कुछ कमी दर्ज की गई है। संभावना जताई जा रही है कि अगले दो से तीन दिनों में स्थिति पूरी तरह अनुकूल होने के बाद क्रूज को वाराणसी के लिए आगे रवाना किया जा सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

