आरक्षण आर्थिक आधार पर करने और एससी-एसटी एक्ट में बदलाव की मांग, सवर्ण एकता मंच ने सरकार को दी चेतावनी
सुपौल, 26 अगस्त (हि.स.)।
आरक्षण व्यवस्था को आर्थिक आधार पर लागू करने, एससी-एसटी एक्ट में बदलाव अथवा इसे वापस लेने तथा सभी गरीबों को समान अवसर देने की मांग को लेकर सवर्ण एकता मंच ने सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की।
मंच के नेताओं ने कहा कि आरक्षण का लाभ जाति के आधार पर नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिति के आधार पर दिया जाना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि समाज के सभी वर्गों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवार मौजूद हैं। ऐसे में आरक्षण की व्यवस्था इस प्रकार होनी चाहिए, जिससे वास्तविक रूप से जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सके। मंच ने आरक्षण का लाभ लेने वाले संपन्न और सक्षम लोगों को इसके दायरे से बाहर करने के लिए सरकार से ठोस नीति बनाने की मांग की।
एससी-एसटी एक्ट को लेकर भी मंच के सदस्यों ने अपनी आपत्ति जताई। वक्ताओं ने कहा कि इस कानून के दुरुपयोग की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। सरकार से कानून की समीक्षा कर आवश्यक बदलाव करने की मांग की गई, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ इसका दुरुपयोग न हो। सभा में वक्ताओं ने भाजपा सरकार को राजनीतिक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आगामी चुनाव में इसका राजनीतिक असर देखने को मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि जनता बड़े से बड़े राजनीतिक गढ़ को भी बदलने की क्षमता रखती है। मंच की ओर से स्पष्ट किया गया कि उनकी मांग किसी जाति या समुदाय के विरोध में नहीं है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर सभी वर्गों को समान अवसर और न्याय दिलाने के उद्देश्य से है। नेताओं ने सरकार से मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

