राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए सुपौल न्यायमंडल में 20 पीठ गठित, ट्रैफिक चालान के लिए चार विशेष पीठ
सुपौल, 11 सितंबर (हि.स.)। 12 सितंबर, शनिवार को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राष्ट्रीय लोक अदालत के सुचारू संचालन एवं अधिकाधिक मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए सुपौल न्यायमंडल में कुल 20 लोक अदालत पीठों का गठन किया गया है। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन सुबह 10 बजे से सिविल कोर्ट, सुपौल एवं अनुमंडलीय सिविल कोर्ट, वीरपुर में किया जाएगा।
यह आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार किया जा रहा है। सुपौल न्यायमंडल में गठित पीठों के माध्यम से विभिन्न प्रकृति के समझौता योग्य मामलों का निष्पादन किया जाएगा। पक्षकारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सुपौल और वीरपुर में अलग-अलग पीठों के लिए स्थान एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। यह पूरी व्यवस्था प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल राजेश कुमार बच्चन के मार्गदर्शन में की गई है। लोक अदालत के माध्यम से मामलों के आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण तरीके से त्वरित निष्पादन पर विशेष जोर दिया गया है।
सुपौल में राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए कुल 16 पीठों का गठन किया गया है। इनमें 12 नियमित पीठ तथा लंबित ट्रैफिक चालान मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए चार विशेष पीठ शामिल हैं। नियमित पीठों में प्री-लिटिगेशन मामलों के साथ-साथ वैवाहिक एवं उपभोक्ता संबंधी मामले, एमएसीटी मामले, बैंक एवं वित्तीय संस्थानों से संबंधित मामले तथा विभिन्न न्यायालयों में लंबित समझौता योग्य मामलों की सुनवाई एवं निष्पादन किया जाएगा।
राष्ट्रीय लोक अदालत में ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों के निपटारे पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। लंबित ट्रैफिक चालान मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए गठित चार विशेष पीठें टाउन हॉल, सुपौल में कार्य करेंगी। इससे ट्रैफिक चालान से संबंधित मामलों के पक्षकारों को न्यायालय परिसर में अनावश्यक भीड़ से बचाने तथा मामलों के सरल तरीके से निष्पादन में सुविधा मिलेगी।
इधर, अनुमंडलीय सिविल कोर्ट, वीरपुर में चार लोक अदालत पीठों का गठन किया गया है। इन पीठों के माध्यम से आपराधिक समझौता योग्य मामलों के अलावा बैंक, टेलीफोन बिल से संबंधित मामलों तथा अन्य समझौता योग्य मामलों का निष्पादन किया जाएगा। राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में पक्षकारों एवं आम नागरिकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए उनकी सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। न्यायालय परिसर में हेल्प डेस्क, ट्रैफिक चालान हेल्प डेस्क, स्वास्थ्य केंद्र एवं अन्य सहायता केंद्र बनाए गए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

