सत्संग श्रवण से सज-संवर जाता है मानव जीवन : राजन जी महाराज
सीवान, 09 मार्च (हि.स.)। सीवान नगर के वी.एम.एच.ई. इंटर कॉलेज के प्रांगण में आयोजित श्रीराम कथा के प्रथम दिन अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पूज्य राजन जी महाराज ने सत्संग और श्रीरामचरितमानस की महिमा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सत्संग की महिमा निराली है, जो लोग नियमित रूप से सत्संग का श्रवण करते हैं, उनका जीवन स्वतः ही सज-संवर जाता है। जिस प्रकार मोटर वाहनों को समय-समय पर सर्विसिंग की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार मनुष्य के बेहतर मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए सत्संग एक सर्विस सेंटर की तरह कार्य करता है।
कथा के शुभारंभ अवसर पर उन्होंने कहा कि मनुष्य की जितनी पात्रता होती है, उसके पात्र में उतनी ही सामग्री आती है। सत्संग वास्तव में पात्रता का निर्माण करता है और जीवन को सकारात्मक दिशा देता है। कथावाचन के दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या धाम की महिमा का भी वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि रामनवमी के अवसर पर जो श्रद्धालु अयोध्या पहुंचते हैं, उन्हें अनेक तीर्थों के दर्शन का पुण्य फल प्राप्त होता है। इसलिए जीवन में समय रहते आस्था और श्रद्धा को व्यक्त करते हुए तीर्थ यात्रा अवश्य करनी चाहिए। राजन जी महाराज ने कहा कि श्रीरामचरितमानस केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि एक महान ग्रंथ है, जो मन में बंधी ग्रंथियों को खोलने का कार्य करता है। इसके प्रत्येक प्रसंग में जीवन को सही मार्ग दिखाने की क्षमता है। जब इसके सरल और गूढ़ संदेश मन में प्रवेश करते हैं, तो जीवन आध्यात्मिक आनंद से भर उठता है।
पांच महिलाओं को पंच पल्लव के पौधे वितरित कर उनकी सेवा का संकल्प दिलाया गया। मंच के समीप भरौली मठ के महंत स्वामी रामनारायण दास जी और वेद विद्यालय के बटुक भी उपस्थित थे। कई श्रद्धालु अपने लड्डू गोपाल के साथ कथा श्रवण करते नजर आए। सदर एसडीएम आशुतोष गुप्ता अपने पुत्र व माता-पिता के साथ कथा में शामिल हुए।
इस वर्ष कथा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जा रहा है। राजन जी महाराज ने बताया कि कथा के दौरान पंच पल्लव के 108 पौधों का रोपण कर प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया गया है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma

