राघोपुर के स्कूल में शौचालय निर्माण में अनियमितता, घटिया ईंट और बालू के इस्तेमाल का आरोप
सुपौल, 18 अप्रैल (हि.स.)। जिले के राघोपुर प्रखंड के वार्ड संख्या 5 स्थित श्री फेंकू लाल प्राथमिक सह संस्कृत विद्यालय परिसर में शौचालय निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है।
शनिवार दोपहर निरीक्षण के दौरान निर्माण में घटिया ईंटों और स्थानीय स्तर की बालू के इस्तेमाल की बात उजागर हुई, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि शौचालय निर्माण में मानक के विपरीत ‘दो नंबर’ ईंट और स्थानीय बालू का उपयोग किया जा रहा है। इससे निर्माण की मजबूती और टिकाऊपन को लेकर आशंका जताई जा रही है। इसको लेकर ग्रामीणों ने भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर असंतोष व्यक्त किया है।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक शैलेन्द्र चौधरी ने बताया कि निर्माण कार्य प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के आदेश पर कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि जल्दबाजी में काम होने के कारण गुणवत्ता से समझौता होने की आशंका है।
वहीं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सुनील कुमार देव ने ऐसे किसी आदेश से इनकार करते हुए कहा कि विद्यालय को शौचालय निर्माण के लिए कोई सरकारी आवंटन प्राप्त नहीं हुआ है और न ही इस संबंध में कोई आधिकारिक निर्देश जारी किया गया है। हालांकि उन्होंने यह माना कि शिकायत मिलने पर विद्यालय को व्यवस्था सुधारने की चेतावनी दी गई थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए राघोपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सत्येन्द्र कुमार यादव ने जांच कराने की बात कही है। अधिकारियों के विरोधाभासी बयान और निर्माण में कथित अनियमितताओं को लेकर मामले में पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

