लोक शिकायत निवारण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता: जिलाधिकारी
सारण, 13 मार्च (हि.स.)। बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम 2015 के सफल क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव द्वारा अपने कार्यालय कक्ष में द्वितीय अपील के तहत कुल चौदह मामलों की सुनवाई की गई। जिलाधिकारी ने सुनवाई के दौरान दस मामलों का अंतिम रूप से निष्पादन करते हुए आदेश पारित किया। शेष चार मामलों में उन्होंने संबंधित लोक प्राधिकारों को पूर्ण प्रतिवेदन के साथ अगली निर्धारित तिथि पर उपस्थित होने का कड़ा निर्देश दिया। डीएम ने स्पष्ट किया कि लोक शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निवारण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।
सुनवाई के दौरान दिघवारा अंचल के ग्राम झौवा निवासी रौशन कुमार सिंह द्वारा अतिक्रमण से संबंधित एक परिवाद दर्ज कराया गया था। इस मामले में प्रतिवेदन प्रस्तुत न करने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पंचायत सचिव सह हल्का कर्मचारी सुप्रिया कुमारी से स्पष्टीकरण की मांग करते हुए उनके विरुद्ध आरोप पत्र गठित करने का निर्देश दिया। उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा सभी पदाधिकारी लोक शिकायतों के प्रति सजग, संवेदनशील और सक्रिय रहें। आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी कार्य में तत्परता नहीं दिखाएंगे उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार

