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किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि उपादान उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता : विजय कुमार सिन्हा

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किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि उपादान उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता : विजय कुमार सिन्हा


पटना, 13 अगस्त (हि.स.)।

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने आज विभागीय अधिकारियों के साथ उर्वरक,बीज एवं कीटनाशी की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था, होलसेलर एवं रिटेलर स्तर पर उर्वरक की आपूर्ति, कंपनियों द्वारा निर्धारित दर एवं सड़क मार्ग से माल ढुलाई (एफओआर ) व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन सहित किसानों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की उच्चस्तरीय समीक्षा की।

उन्होंने कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि उपादान उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर अमानक उर्वरक, बीज या कीटनाशी की बिक्री, अधिक मूल्य पर बिक्री,अनियमित वितरण, टैगिंग अथवा अन्य किसी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित थोक एवं खुदरा प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए सुसंगत धाराओं मे प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।

कृषि मंत्री ने सख्त शब्दों में कहा कि बिहार को कंपनियों की चारागाह नहीं बनने दिया जाएगा। किसानों के हित में राज्य सरकार द्वारा किसी भी प्रकार की मनमानी, अनुचित व्यापारिक व्यवहार अथवा वितरण व्यवस्था में अनियमितता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। कंपनियों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना होगा और किसानों तथा राज्य की उर्वरक वितरण व्यवस्था के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा।

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार एफओआर की व्यवस्था को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू कराने के लिए भारत सरकार एवं संबंधित कंपनियों के साथ आवश्यक समन्वय स्थापित कर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। कंपनियां एफओआर की व्यवस्था को केवल कागजों तक सीमित न रखते हुए इसे जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करें और यह सुनिश्चित करें कि इसका वास्तविक लाभ समय पर किसानों तक पहुंचे।इस व्यवस्था के क्रियान्वयन में पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ आवश्यक कार्रवाई करें।

मंत्री ने कहा कि उर्वरक वितरण व्यवस्था में शामिल होलसेलर, रैक हैंडलर एवं संबंधित कंपनियां अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करें।किसानों के हितों की अनदेखी अथवा विभागीय निर्देशों की अवहेलना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बार-बार अनियमितता सामने आने पर संबंधित प्रतिष्ठानों एवं जिम्मेदार संस्थाओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने कहा कि यदि किसी होलसेलर को संबंधित कंपनी द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत पर उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है, तो संबंधित होलसेलर इसकी सूचना विभाग को दे। कंपनियों अथवा किसी अन्य स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला कृषि पदाधिकारी अपने-अपने जिले के होलसेलरों के साथ बैठक कर उर्वरक की आपूर्ति एवं वितरण से संबंधित सभी समस्याओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त करेंगे तथा उसका विस्तृत प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराएंगे।

मंत्री ने बताया कि राज्य में विभिन्न उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अधिक मूल्य पर बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। वर्ष 2026-27 में दिनांक 13.08.2026 तक अनियमितता के विरुद्ध 58 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है तथा कुल 294 उर्वरक प्रतिष्ठानों के उर्वरक प्राधिकार पत्र रद्द किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि किसानों के हित में शीघ्र ही सघन जांच एवं निगरानी अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान के दौरान उर्वरक,बीज एवं कीटनाशी की उपलब्धता, आपूर्ति, मूल्य, वितरण व्यवस्था तथा रिटेलर स्तर तक उर्वरक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया की जांच की जाएगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसान को उसकी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक निर्धारित एवं उचित दर पर आसानी से उपलब्ध हो। उन्होंने कहा किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी