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बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक के खिलाफ फूटा कर्मियों का गुस्सा, कार्यालय के समक्ष किया जोरदार प्रदर्शन

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बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक के खिलाफ फूटा कर्मियों का गुस्सा, कार्यालय के समक्ष किया जोरदार प्रदर्शन


भागलपुर, 21 अगस्त (हि.स.)। बिहार ग्रामीण बैंक एम्प्लाइज एंड ऑफिसर्स फेडरेशन के बैनर तले शुक्रवार को बैंक कर्मियों ने क्षेत्रीय प्रबंधक के कथित तानाशाही रवैये के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

फेडरेशन के आह्वान पर बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने भागलपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के समक्ष जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान बैंक प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और एक मांग पत्र सौंपकर समस्याओं के जल्द समाधान की चेतावनी दी गई।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे फेडरेशन के नेताओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय स्तर पर बैंक कर्मचारियों के हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है और प्रबंधन मनमाने ढंग से फैसले ले रहा है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने मुख्य रूप से स्थानांतरण एवं पदस्थापना नीति का निष्पक्षता से पालन करने, पक्षपातपूर्ण व तानाशाही निर्णयों पर तुरंत रोक लगाने और कर्मियों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई। इसके अलावा बैंक की नीतियों एवं परिपत्रों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने, एक पारदर्शी व जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था लागू करने और भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाने की मांग भी प्रमुखता से की गई।

आकाश आनंद क्षेत्रीय सचिव, ऑफिसर्स फेडरेशन ने कहा कि क्षेत्रीय प्रबंधक का रवैया पूरी तरह से तानाशाही और मनमाना हो चुका है। बैंक की स्थापित नीतियों और गाइडलाइंस को ताक पर रखकर अधिकारियों के तबादले और पदस्थापना में भारी पक्षपात किया जा रहा है। कर्मचारियों की जायज शिकायतों को भी अनसुना किया जा रहा है। अगर प्रबंधन ने अपनी नीतियां नहीं बदलीं और हमारी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया, तो यह आंदोलन और उग्र होगा। वहीं रिचा ठाकुर बैंक एंपलॉयर्स प्रतिनिधि ने कहा कि बैंक कर्मी मानसिक तनाव के बीच काम करने को मजबूर हैं। नियमों का उल्लंघन कर कर्मचारियों पर गलत तरीके से दबाव बनाया जा रहा है। हम यहां एक पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। भ्रष्टाचार और मनमर्जी को बैंक के भीतर कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारी मांग है कि शीर्ष प्रबंधन इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करे।फेडरेशन ने साफ किया है कि यदि क्षेत्रीय प्रशासन का यही अड़ियल रवैया बरकरार रहा, तो आने वाले दिनों में बैंक के कामकाज को पूरी तरह ठप कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को विवश होना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रबंधन की होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर