असुरक्षित स्थिति में काम कर रहें हैं भागलपुर नगर निगम के सफाई कर्मी,ऐक्टू ने उठाया सवाल
भागलपुर, 21 जनवरी (हि.स.)। भागलपुर नगर निगम के सफाई कर्मी बहुत ही असुरक्षित स्थिति में सफाई का काम कर रहें हैं। ऐक्टू ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त की है। बिना सुरक्षा साधन के नंगे पैर और खुले हाथ से नाली में घुस कर नाली की उड़ाही कर (गंदगी निकाल) रहे, कचरा उठा रहे सफाई कर्मियों को फोटो जारी करते हुए ऐक्टू के राज्य सह जिला सचिव मुकेश मुक्त ने कहा कि सफाई कर्मियों को सुरक्षा किट (पीपीई) उपलब्ध कराना नगर निगम प्रशासन की जिम्मेदारी है लेकिन सफाई कर्मी इसके बगैर ही भारी जोखिम भरे स्थिति में काम करने के लिए मजबूर हैं। आखिर इन कर्मियों को गमबूट, दस्ताने, मास्क, रिफ्लेक्टिव जैकेट आदि सुरक्षा का साधन उपलब्ध क्यों नहीं कराया जाता है? नगर निगम प्रशासन इन कर्मियों के स्वास्थ के साथ खिलवाड़ क्यों कर रहा है? सुरक्षा कीट कोष की राशि कहां जा रही है? इसके लिए कौन जिम्मेदार है?
उन्होंने कहा कि भागलपुर नगर आयुक्त को इस मामले की तुरंत जांच करानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। ऐक्टू इस पूरे मामले से ऑल इंडिया म्युनिसिपल एंड सेनिटेशन वर्कर्स फेडरेशन और बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के महासचिव को भी अवगत कराएगा। सफाई कर्मी समाज के वंचित और कमजोर तबके से आते हैं। इनके हितैषी होने का दंभ भरने वाली केंद्र–राज्य की मोदी–नीतीश सरकार में इनका जीवन खतरे में क्यों है? नगर निगम प्रशासन को इस तरह से सफाई कर्मियों के जीवन से खेलने की छूट नहीं दी सकती है। सफाई कर्मियों को पीपीई किट उपलब्ध कराने को लेकर कई सख्त अदालती आदेश भी हैं। इसके बावजूद भी भागलपुर नगर निगम प्रशासन घोर लापरवाही में कैसे रह सकता है? कहीं यह भ्रष्टाचार का तो मामला नहीं! इस मामले को लेकर ऐक्टू जल्द ही नगर आयुक्त से भेंट करेगा और सरकार के सम्बंधित मंत्रालय को भी लिखेगा।
ऐक्टू मांग करता है कि भागलपुर नगर निगम के सभी सफाई कर्मियों को अविलंब पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई) किट उपलब्ध करायी जाय। सफाई कर्मी बगैर सुरक्षा के सफाई का जोखिम भरा काम करने के लिए क्यों मजबूर हैं? इसकी जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

