home page

नालंदा जिले में 30 साल से जुगाड़ के एंगल पुल से जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर 5500 ग्रामीण

 | 
नालंदा जिले में 30 साल से जुगाड़ के एंगल पुल से जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर 5500 ग्रामीण


नालंदा, बिहारशरीफ 08 अगस्त (हि.स.)।नालंदा जिले के नगरनौसा प्रखंड अंतर्गत कछियावा पंचायत के कछियावा गांव में डोढ़ नदी पर पुल नहीं बनने की समस्या पिछले लगभग 30 वर्षों से ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। वर्षों से जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से गुहार लगाने के बावजूद आज तक पुल का निर्माण नहीं हो सका है। मजबूर होकर ग्रामीणों ने अपने स्तर से लोहे के एंगल और अन्य संसाधनों की मदद से एक अस्थायी जुगाड़ पुल तैयार किया है, जिसके सहारे प्रतिदिन सैकड़ों लोग अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि कछियावा गांव की आबादी लगभग 5,500 है तथा यहां करीब 700 घरों की बस्ती है। गांव के लोगों के लिए डोढ़ नदी पार करना रोजमर्रा की मजबूरी है। बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ जाने से यह जुगाड़ पुल भी बेहद खतरनाक हो जाता है। ऐसे समय में लोगों को जान हथेली पर रखकर नदी पार करनी पड़ती है।

ग्रामीण राजेंद्र गोप, बंगाली यादव, प्रमोद कुमार, पिंकू राम सहित वार्ड संख्या-4 के अन्य लोगों ने बताया कि यदि यहां एक स्थायी पुल का निर्माण हो जाए तो पूरे गांव की तस्वीर बदल जाएगी। गांव के दूसरी ओर काफी खाली जमीन उपलब्ध है, जहां लोग अपना नया घर बना सकते हैं। वर्तमान में गांव में आबादी बढ़ने के कारण रहने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बची है। पुल बनने से लोगों को आवागमन की सुविधा के साथ-साथ नए क्षेत्रों में बसने का अवसर भी मिलेगा।

ग्रामीणों ने बताया कि हरनौत विधानसभा क्षेत्र के विधायक हरिनारायण सिंह गांव आए थे और पुल निर्माण का आश्वासन दिया था। इसी प्रकार सांसद कौशलेंद्र कुमार ने भी गांव के गौरैया स्थान में सीढ़ी निर्माण कार्य करवाया था तथा पुल बनवाने का भरोसा दिलाया था। लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी पुल निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई। इससे ग्रामीणों में जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। नदी का पानी बढ़ने पर गौरैया स्थान की सीढ़ियां भी पूरी तरह डूब जाती हैं। ऐसे में लोगों के पास केवल जुगाड़ पुल का सहारा बचता है, जिस पर चलना किसी खतरे से कम नहीं होता।

ग्रामीणों ने सरकार, जिला प्रशासन, स्थानीय विधायक और सांसद से मांग की है कि डोढ़ नदी पर अविलंब स्थायी पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हो सके।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रमोद पांडे