प्रखंड अध्यक्षों की नियुक्ति पर कांग्रेस में रार, वरिष्ठ नेताओं ने खोला मोर्चा
भागलपुर, 13 अगस्त (हि.स.)। भागलपुर जिला कांग्रेस में प्रखंड अध्यक्षों की नई सूची को लेकर विवाद गहरा गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस कैंप कार्यालय में गुरुवार को एक संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित कर इस नियुक्ति का कड़ा विरोध किया है।
नेताओं का आरोप है कि यह सूची नियमों को ताक पर रखकर जारी की गई है। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बिहार प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि डॉ. अभय आनंद, बिपिन बिहारी यादव, इरफान आलम ने कहा कि प्रखंड अध्यक्षों की नियुक्ति का आदेश पार्टी के सक्षम प्राधिकार द्वारा जारी नहीं किया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के संविधान के अनुसार इस तरह की नियुक्ति का अधिकार सिर्फ राष्ट्रीय अध्यक्ष को है, जिसकी आधिकारिक अधिसूचना अखिल भारतीय कांग्रेस के संगठन महासचिव द्वारा जारी की जाती है। इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, इसलिए यह सूची पूरी तरह तथाकथित और असंवैधानिक है।
कांग्रेस नेताओं ने सूची पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तथाकथित सूची में ऐसे लोगों के नाम भी शामिल हैं, जो संगीन आपराधिक मुकदमों के अभियुक्त हैं। दागी छवि वाले लोगों को संगठन में जगह देने से आम जनता के बीच पार्टी के प्रति एक नकारात्मक संदेश जा रहा है, जिससे कांग्रेस की छवि धूमिल हो रही है। प्रेस वार्ता में मौजूद नगर महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने इस नियुक्ति को महिलाओं के अधिकारों का हनन बताया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की घोषित नीति के तहत सांगठनिक पदों पर महिलाओं को 33 प्रतिशत (तैतीस प्रतिशत) हिस्सेदारी मिलना अनिवार्य है। लेकिन इस सूची में महिलाओं की पूरी तरह अनदेखी की गई है, जो पार्टी की नीतियों के खिलाफ है। नेताओं ने एकजुट होकर कहा कि वे इस पूरी मनमानी और असंवैधानिक नियुक्ति के मामले को कांग्रेस हाईकमान (केंद्रीय नेतृत्व) के समक्ष उठाएंगे। वे इस विवादित सूची को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग करेंगे।
इस प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से ज्योति यादव, इंटक के जिलाध्यक्ष रवि कुमार, बिहपुर प्रखंड अध्यक्ष सह प्रदेश प्रतिनिधि इरफान आलम, और गोपालपुर प्रखंड अध्यक्ष सह प्रदेश प्रतिनिधि शंकर सिंह अशोक सहित कई अन्य नेता संयुक्त रूप से शामिल रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

