भ्रष्टाचार के 'राजकुमार' सुशासन का पाठ न पढ़ाएंः प्रेम रंजन पटेल
पटना, 21 मई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक प्रेम रंजन पटेल ने वक्तव्य जारी कर कहा कि बिहार की जनता और स्वाभिमानी युवाओं को गुमराह करने की छटपटाहट विपक्ष के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बयानों से साफ दिखाई पड़ रही है। 15 साल तक बिहार को 'चरवाहा विद्यालय' और अपहरण उद्योग में झोंकने वाले, और सत्ता में आते ही 'नौकरी के बदले जमीन' लिखवाने वाले आज युवाओं के हमदर्द बनने का ढोंग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार बिहार के युवाओं के रोजगार, पारदर्शिता और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह संकल्पित है और किसी भी लोकलुभावन छलावे के बजाय नीतिगत और पारदर्शी तरीके से काम कर रही है।
विपक्ष जिस टीआरई -1 और टीआरई-2 की बहाली का झूठा सेहरा अपने सिर बांधने की कोशिश कर रहा है, वह पूरी कार्ययोजना, वित्तीय स्वीकृति और नीतियां एनडीए सरकार के विजन का हिस्सा था। विपक्ष तो सिर्फ मलाई काटने और अपनी पीठ थपथपाने में लगा था।
उन्होंने कहा कि जनता जानती है कि उस 17 महीने के कार्यकाल में किस तरह पिछले दरवाजे से नियुक्तियों में खेल करने की कोशिश की गई थी, जिसे एनडीए सरकार ने आते ही दुरुस्त किया था।
नेता प्रतिपक्ष को दर्द इस बात का है कि एनडीए सरकार ने पेपरलीक माफियाओं, सॉल्वर गैंग और उनके राजनीतिक संरक्षकों की कमर तोड़ दी है। एनडीए सरकार परीक्षा की पवित्रता से कोई समझौता नहीं कर सकती। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया जा रहा है, चाहे उनका संबंध किसी भी रसुखदारों से क्यों न हो।
उन्होंने कहा कि छात्र - युवाओं की आड़ में उपद्रवी तत्व, विपक्षी दलों के इशारे पर शांतिभंग करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और छात्रों को भड़काने का प्रयास किया जा रहा है, अराजक तत्वों पर करवाई कर कानून का राज हर हाल में स्थापित रखा जा रहा है।
एनडीए सरकार छात्रों की हर जायज मांग के प्रति संवेदनशील है, युवाओं के कंधे पर बंदूक रखकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने की कोशिश करने विपक्षियों को मुहंतोड़ जबाब दिया जायेगा।
एनडीए सरकार युवाओं को स्थायी और पारदर्शी रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध है। टीआरई-4 की वैकेंसी और नोटिफिकेशन को लेकर पूरी प्रशासनिक मुस्तैदी के साथ काम चल रहा है, ताकि आने वाली परीक्षा पूरी तरह से त्रुटिहीन, पारदर्शी और धांधली-मुक्त हो। सरकार का लक्ष्य सिर्फ विज्ञापन निकालना नहीं, बल्कि बिना किसी विवाद के युवाओं के हाथ में जॉइनिंग लेटर थमाना है।
उन्होंने कहा कि जिस पार्टी का इतिहास ही युवाओं के भविष्य को चरवाहा विद्यालय की भेंट चढ़ाना, सरकारी नौकरियों को कौड़ियों के भाव अपने परिवार के नाम लिखवाना और मेधावी छात्रों का पलायन कराना रहा हो, उनके मुंह से युवाओं के हित की बात पुरी तरह से बेमानी लगती है। एनडीए सरकार रील नहीं, बल्कि बिहार के विकास और युवाओं के रोजगार की 'रियल' स्क्रिप्ट लिख रही है।
बिहार का युवा समझदार है, वह जानता है कि किसने उन्हें लालटेन युग में धकेला और कौन उन्हें डिजिटल और रोजगारयुक्त, विकसित बिहार दे रहा है। एनडीए सरकार बिहार के युवाओं से किए गए अपने हर वादे को पूरा करेगी। विपक्षी पार्टियों के हर छल-कपट का जवाब सूबे का युवा - नौजवान आने वाले समय में पूरी ताकत से देगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुरभित दत्त

