तेजस्वी के बड़बोलेपन से नेता प्रतिपक्ष पद अल्पमत में, इस्तीफा दें तेजस्वी: प्रेम रंजन पटेल
पटना, 17 मार्च (हि.स.)। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि राज्यसभा चुनाव से तेजस्वी यादव और उनके नेतृत्व की वास्तविकता सामने आ गई। राजद ने जिस प्रकार बिना पर्याप्त संख्या बल के उम्मीदवार उतारने का निर्णय लिया, वह न केवल राजनीतिक अपरिपक्वता का परिचायक है बल्कि जनता और अपने ही विधायकों को भ्रमित करने का प्रयास भी है।
नेता प्रतिपक्ष के रूप में तेजस्वी यादव ने लगातार बड़े-बड़े दावे किए, कभी सरकार बनाने की तारीख, समय और स्थान तक घोषित कर दिए, तो कभी संख्या बल होने के दावे किए। लेकिन राज्यसभा चुनाव ने इन दावों की सच्चाई उजागर कर दी है। यह स्पष्ट हो गया है कि उनके पास न तो ठोस रणनीति है और न ही अपने विधायकों का विश्वास।
आज स्थिति यह है कि विपक्ष के नेता के रूप में बने रहने के लिए आवश्यक संख्या भी उनके पास नहीं बची है। यह केवल राजनीतिक हार नहीं, बल्कि नेतृत्व पर सवाल खड़ा हो गया है। उनके दल के भीतर हीं असंतोष और अविश्वास की स्थिति बन चुकी है, जो लगातार सामने आ रही है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में नैतिकता और जवाबदेही सर्वोपरि होती है। जब कोई नेता अपने विधायकों का विश्वास खो देता है और बार-बार जनता को भ्रमित करता है, तो उसे अपने पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं रह जाता।
उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव तत्काल प्रभाव से नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दें और बिहार की जनता के समक्ष अपनी विफलताओं की जिम्मेदारी स्वीकार करें।उन्होंने कहा कि यह समय आत्ममंथन का है, न कि भ्रम फैलाने का। बिहार की जनता सब देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब अवश्य देगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुरभित दत्त

