शेरशाहबादी समुदाय पर कथित टिप्पणी से सीमांचल की राजनीति गरम, विधायक पर कार्रवाई की मांग
किशनगंज, 15 मई (हि.स.)। बिहार में किशनगंज जिले के ठाकुरगंज विधानसभा क्षेत्र से जदयू विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल के एक पत्र और कथित टिप्पणी को लेकर सीमांचल की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
विधायक द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में शेरशाहवादी समुदाय से जुड़े कुछ शिक्षकों को बीएलओ पद से हटाने की मांग किए जाने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। विवाद उस समय और बढ़ गया जब पत्र में समुदाय विशेष के लोगों पर कथित रूप से बांग्लादेशी नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने का आरोप लगाया गया।
पत्र में शेरशाहवादी समुदाय के कुछ बीएलओ कर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्हें हटाने की मांग की गई है। इस मामले को लेकर समुदाय के लोगों ने नाराजगी जताई है और इसे सामाजिक सौहार्द के खिलाफ बताया है। इस पूरे मामले पर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव तौकीर आलम ने कड़ी आपत्ति जताई है।
उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जदयू प्रदेश अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ नेताओं को पत्र लिखकर विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। तौकीर आलम ने कहा कि किसी भी समुदाय को इस तरह संबोधित करना सामाजिक भाईचारे और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार के बयान समाज में भय और वैमनस्य का माहौल पैदा करते हैं। वहीं किशनगंज सांसद डॉ. मो. जावेद आजाद ने भी मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि शेरशाहवादी समुदाय बिहार में अत्यंत पिछड़ा वर्ग तथा केंद्र सरकार की सूची में अन्य पिछड़ा वर्ग के रूप में अधिसूचित समुदाय है और वर्षों से सामाजिक एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी भूमिका निभाता आ रहा है।
उन्होंने कहा कि सीमांचल क्षेत्र में किसी समुदाय को सार्वजनिक रूप से बांग्लादेशी कहना उसकी सामाजिक गरिमा और संवैधानिक अधिकारों पर आघात है। डॉ. जावेद ने यह भी उल्लेख किया कि निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान सीमांचल में किसी बांग्लादेशी नागरिक की पहचान नहीं हुई थी। ऐसे में इस तरह के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
विवाद के बाद सीमांचल क्षेत्र में राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों ने भी इस मामले पर चिंता जताई है। समाज के लोगों ने बैठक कर आगे की रणनीति तय करने और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

