भागलपुर पुलिस ने भ्रामक समाचार का किया खंडन
भागलपुर, 04 जुलाई (हि.स.)।
भागलपुर एसएसपी कार्यालय के हवाले से शनिवार को जारी किए गए प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि कुछ समाचारपत्रों एवं मीडिया पोर्टलों द्वारा बजरंग कुमार हत्याकांड के संबंध में यह समाचार प्रकाशित एवं प्रसारित किया जा रहा है कि मृतक बजरंग कुमार की तुलना में अभियुक्त सीमा कुमारी की कद-काठी अपेक्षाकृत कमजोर होने के कारण घटना का पुलिस द्वारा किया गया उद्भेदन संदिग्ध प्रतीत होता है।
इस प्रकार की रिपोर्टिंग के माध्यम से आमजन के बीच पुलिस अनुसंधान पर अनावश्यक संदेह उत्पन्न करने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में स्पष्ट किया जाता है कि भागलपुर पुलिस द्वारा बजरंग कुमार हत्याकांड का उद्भेदन मात्र 12 घंटे के भीतर उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य, वैज्ञानिक अनुसंधान तथा अन्य विधिसम्मत साक्ष्यों के आधार पर किया गया है।
घटनास्थल से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि घटना से पूर्व एवं घटना के उपरांत लगभग 24 घंटे की अवधि के दौरान संबंधित कार्यालय में अभियुक्त सीमा कुमारी के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति का प्रवेश नहीं हुआ है। साथ ही अभियुक्त को कार्यालय में ताला लगाकर जाते हुए भी स्पष्ट रूप से देखा गया है।
इसके अतिरिक्त अनुसंधान के दौरान प्राप्त अन्य तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्य भी अभियुक्त की संलिप्तता की पुष्टि करते हैं। यह भी स्पष्ट किया जाता है कि किसी अभियुक्त की कद-काठी, शारीरिक बनावट अथवा बाहरी स्वरूप के आधार पर किसी अपराध के घटित होने या न होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
पुलिस का अनुसंधान उपलब्ध साक्ष्यों, वैज्ञानिक विश्लेषण एवं विधिक प्रक्रिया के अनुरूप किया जाता है, न कि किसी अनुमान, व्यक्तिगत धारणा अथवा कल्पना के आधार पर। भागलपुर पुलिस सभी मीडिया प्रतिनिधियों से अपेक्षा करती है कि हत्या जैसे गंभीर एवं संवेदनशील मामलों में तथ्यपरक, संतुलित एवं जिम्मेदार पत्रकारिता करें।
अपुष्ट तथ्यों, अटकलों अथवा व्यक्तिगत धारणाओं पर आधारित समाचार आमजन के बीच भ्रम एवं अविश्वास उत्पन्न कर सकते हैं तथा अनुसंधान की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकते हैं।
भागलपुर पुलिस प्रत्येक महत्वपूर्ण घटना के संबंध में विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी करती है तथा वरीय पुलिस पदाधिकारियों द्वारा प्रेस वार्ता के माध्यम से मीडिया प्रतिनिधियों के सभी प्रश्नों का तथ्यात्मक एवं पारदर्शी उत्तर दिया जाता है।
सभी मीडिया संस्थानों एवं प्रतिनिधियों से अनुरोध है कि जनहित एवं पत्रकारिता की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए केवल सत्यापित तथ्यों पर आधारित समाचारों का प्रकाशन एवं प्रसारण करें, ताकि आमजन तक भ्रामक अथवा अटकलों पर आधारित जानकारी न पहुँचे तथा किसी भी प्रकार से अनुसंधान या कानून-व्यवस्था के प्रति अनावश्यक संदेह की स्थिति उत्पन्न न हो।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

