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पुलिसिंग घर तक पहुंचाने के दावे के बीच मुफस्सिल थाने में फरियादियों की सुनवाई पर सवाल

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बक्सर, 11 सितंबर (हि.स.)।

बिहार सरकार एक ओर पुलिसिंग व्यवस्था को आम लोगों के घर तक पहुंचाने और थानों को जनसुलभ बनाने का दावा कर रही है, वहीं चौसा मुफस्सिल थाना में शुक्रवार को पहुंचे फरियादियों ने व्यवस्था और पुलिसकर्मियों के व्यवहार पर सवाल खड़े किए। लोगों का आरोप है कि अपनी समस्याएं लेकर थाने पहुंचने पर उन्हें अपेक्षित सम्मान और सहज वातावरण नहीं मिल रहा है।

विभिन्न मामलों को लेकर थाना पहुंचे लोगों ने बताया कि वहां मौजूद महिला कर्मियों और कुछ पदाधिकारियों के बातचीत करने के तरीके से वे नाराज हुए। फरियादियों का कहना था कि वे कानून का सहारा लेकर अपनी समस्या का समाधान कराने आते हैं, लेकिन कई बार व्यवहार ऐसा होता है, जिससे उन्हें लगता है कि वे गलत जगह आ गए हैं।

स्थानीय लोगों ने थाना अध्यक्ष की उपलब्धता को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि फोन करने पर अक्सर बैठक में होने की बात कही जाती है, जबकि ग्रामीण अपनी समस्या लेकर थाने पहुंचते हैं और उन्हें समुचित सुनवाई के लिए इंतजार करना पड़ता है।

लोगों ने सुझाव दिया कि वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारियों को प्रतिदिन थानों की सीसीटीवी गतिविधियों की निगरानी करनी चाहिए, ताकि यह देखा जा सके कि पुलिसकर्मी और पदाधिकारी आम लोगों के साथ किस तरह का व्यवहार कर रहे हैं। उनका मानना है कि ऐसी निगरानी से थानों की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और फरियादियों को उनका उचित अधिकार मिल सकेगा।

एसपी का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।

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हिन्दुस्थान समाचार / Jitendra Kumar Mishra